राम मंदिर चंदा चोरी मामले में संतों की बैठक रोकने का आरोप, सीबीआई जांच की मांग
अयोध्या (उत्तर प्रदेश) [भारत]: अयोध्या के कई संतों ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर के चंदे की कथित चोरी के मामले में आयोजित बैठक को प्रशासन ने रोक दिया। संतों ने स्थानीय प्रशासन की कड़ी आलोचना करते हुए मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है।
महामंडलेश्वर प्रकाशानंद गिरि ने प्रशासन पर उठाए सवाल
महामंडलेश्वर प्रकाशानंद गिरि ने मंगलवार को राम मंदिर के चंदे में कथित हेराफेरी को लेकर अयोध्या प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सीबीआई जांच की उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो संत जन आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने चंपत राय की भी आलोचना की, जिन्होंने आरोपों के सामने आने से करीब एक महीने पहले ही ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था।
‘हम मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन रोक दिया गया’
अयोध्या में पत्रकारों से बात करते हुए संत ने कहा, "हम मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन हमें रोक दिया गया। हमने घोषणा की थी कि यह कोई विरोध प्रदर्शन या रैली नहीं है। अगर चंदे के चोरों के प्रति भी यही तत्परता दिखाई जाती, तो हमें यहां नहीं आना पड़ता। किसी ने बड़ी रकम चुरा ली, और उन्हें पता भी नहीं चला? प्रशासन कहां सो रहा था? हमने शांतिपूर्ण बैठक बुलाई थी, लेकिन द्वार बंद कर दिए गए। योगी जी हममें से एक हैं, एक संत हैं, लेकिन यह स्थानीय प्रशासन की लापरवाही है।"
सीबीआई जांच नहीं हुई तो जन आंदोलन की चेतावनी
उन्होंने आगे कहा, “हम सीबीआई जांच चाहते हैं, वरना हम जन आंदोलन शुरू करेंगे। दिल्ली में हमारे विरोध प्रदर्शन के दौरान हमें बुलाया गया और हमारा ज्ञापन स्वीकार कर लिया गया। वे हमें यहां आने नहीं दे रहे हैं क्योंकि अगर सच्चाई सामने आई तो प्रशासन में बैठे लोग भी पकड़े जाएंगे। अगर चंपत राय सत्ता में वापस आए तो सरकार गिर जाएगी।”
दान की कथित चोरी में कर्मचारियों पर आरोप
कथित दान घोटाले में मंदिर के कर्मचारियों और बैंक कर्मचारियों द्वारा चढ़ावे की सुनियोजित चोरी के आरोप शामिल हैं। इस मामले के चलते विपक्ष ने भी उच्च स्तरीय जवाबदेही की मांग उठाई है। इस मामले में अविनाश शुक्ला, अंकलप मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमा शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमा शंकर उर्फ टिन्नू समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
(एएनआई)
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