रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पैराफेरी इलाके से सटे गांव

रणथंभौर के दुमोदा गांव में पिंजरे में कैद हुआ लेपर्ड, रेस्क्यू के बाद जंगल में छोड़ा गया

Ranthambore: Leopard trapped in Dumoda, released into forest

सवाई माधोपुर (राजस्थान): रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पैराफेरी इलाके से सटे गांवों के आबादी क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे लेपर्ड के मूवमेंट को लेकर वन प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी और रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में वन विभाग द्वारा दुमोदा गांव में लगाए गए पिंजरे में बीती रात एक और लेपर्ड कैद हो गया। लेपर्ड की स्वास्थ्य जांच के बाद उसे रणथंभौर के दूरस्थ इलाके के जंगलों में छोड़ दिया गया।

दुमोदा में फिर कैद हुआ लेपर्ड

गौरतलब है कि पिछले माह इसी दुमोदा गांव में एक लेपर्ड के हमले में घर के आंगन में परिजनों के बीच खेल रहे एक तीन वर्षीय बालक की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद वन विभाग द्वारा इलाके में लगातार निगरानी और रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। बालक की मौत की घटना के बाद वन विभाग द्वारा दुमोदा से एक लेपर्ड और एक भालू को रेस्क्यू किया गया था। अब एक बार फिर एक लेपर्ड वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया है।

दूसरे लेपर्ड की मौजूदगी के मिल रहे थे प्रमाण

रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि बालक की मौत की घटना के बाद से ही वन विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में लगातार निगरानी एवं अथक प्रयास किए जा रहे थे। इससे पूर्व भी इसी क्षेत्र से एक लेपर्ड पकड़ा जा चुका था। हालांकि, क्षेत्र में एक अन्य लेपर्ड की मौजूदगी के प्रमाण लगातार मिल रहे थे। इसे देखते हुए वन विभाग द्वारा लेपर्ड की गतिविधियों के आधार पर निगरानी एवं रेस्क्यू प्रयास जारी रखे गए। इसके परिणामस्वरूप बीती रात दूसरे लेपर्ड को भी सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर लिया गया।

कैमरा ट्रैप और गश्त से रखी जा रही थी नजर

डीएफओ ने बताया कि दुमोदा क्षेत्र में वन विभाग द्वारा लगातार कैमरा ट्रैप, केज ट्रैप एवं नियमित गश्त के माध्यम से वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा दिन-रात किए गए निरंतर प्रयासों से यह कार्रवाई सफल हुई।

पहले भालू को भी किया गया था रेस्क्यू

डीएफओ ने कहा कि इसी क्षेत्र में आबादी के आसपास बार-बार आ रहे एक स्लॉथ भालू (रीछ) को भी पूर्व में सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया गया था। आमजन की सुरक्षा एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को कम करने के उद्देश्य से भालू को भी सुरक्षित रूप से पकड़ा गया था। वन विभाग द्वारा दुमोदा एवं आसपास के क्षेत्र में मानव सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। वन विभाग की टीमें क्षेत्र में सतर्क हैं तथा आवश्यकता के अनुसार आगे भी आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी।

वन विभाग ने ग्रामीणों से की सतर्क रहने की अपील

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, वन्यजीव दिखाई देने पर उसके पास न जाएं तथा किसी भी वन्यजीव की गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें। ग्रामीणों के सहयोग से ही मानव एवं वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। डीएफओ ने कहा कि वन विभाग आमजन की सुरक्षा एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। लेपर्ड के पकड़े जाने के बाद वन विभाग एवं ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

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