बरेली में चार साल पुराने प्रेम संबंध के बाद हरदोई

हरदोई निवासी रजिया ने धर्म परिवर्तन कर किया प्रेम विवाह, अधिकारियों से सुरक्षा उपलब्ध कराने की लगाई गुहार

Razia Converted To Another Religion

बरेली: जयपुर के ईंट भट्ठे पर मजदूरी के दौरान शुरू हुई चार साल पुरानी प्रेम कहानी शनिवार को शादी के बंधन में बदल गई। हरदोई जिले के संडीला निवासी रजिया ने फरीदपुर निवासी तोताराम से विवाह करने के लिए अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन किया। इसके बाद उसने अपना नाम गौरी देवी रख लिया। दोनों ने बरेली स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया। शादी के बाद गौरी ने भगवान शिव में आस्था जताते हुए परिवार के कुछ सदस्यों से जान का खतरा बताया है।

ईंट भट्ठे पर काम करते थे दोनों

बताया गया कि करीब चार साल पहले रजिया और तोताराम जयपुर के एक ईंट भट्ठे पर काम करते थे। इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला किया। तोताराम के अनुसार, रजिया की बचपन से ही हिंदू धर्म में आस्था थी और वह भगवान शिव की पूजा करना चाहती थी। हालांकि, परिवार इस रिश्ते के पक्ष में नहीं था।

परिवार की नाराजगी के बावजूद की शादी

परिवार की नाराजगी के बावजूद दोनों ने शादी करने का निर्णय लिया। शनिवार को दोनों बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचे। वहां उन्होंने आचार्य केके शंखधार को अपने संबंधों के बारे में जानकारी दी। आचार्य ने दोनों के बालिग होने से संबंधित दस्तावेज और प्रमाण पत्रों की जांच की। इसके बाद रजिया ने अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन कर गौरी देवी नाम अपनाया। आचार्य की देखरेख में वैदिक रीति-रिवाज से दोनों का विवाह संपन्न कराया गया।

अधिकारियों से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की

शादी के बाद गौरी ने कहा कि उसने किसी दबाव में धर्म परिवर्तन नहीं किया है। उसने अपनी इच्छा से यह फैसला लिया है। उसने कहा कि भगवान शिव में उसकी आस्था है। उसने कहा कि वह पति तोताराम के साथ नई जिंदगी शुरू करना चाहती है। साथ ही उसने परिवार के कुछ लोगों से जान का खतरा होने की आशंका जताई। नवदंपती ने अधिकारियों से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग करने की बात कही है। 

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