शिवसेना (यूबीटी) में बढ़ी बगावत की आहट, संजय राउत बोले- 'गद्दार, बेईमान और धोखेबाज'
नई दिल्ली: शिवसेना (यूबीटी) में संभावित विभाजन की अटकलों के बीच पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने संसदीय दल की बैठक में अनुपस्थित रहे सांसदों पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को नई दिल्ली में हुई बैठक में पार्टी के नौ में से छह लोकसभा सांसद शामिल नहीं हुए, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
'गद्दार, बेईमान और धोखेबाज' कहा
बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में राउत ने गैरहाजिर सांसदों को "गद्दार, बेईमान और धोखेबाज" बताते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी और नेतृत्व के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सांसद पार्टी को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा हैं।
अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी
पार्टी सांसद अनिल देसाई ने बताया कि बैठक में अनुपस्थित रहने वाले सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने के आरोप में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
'यह रणनीति नहीं, विश्वासघात है'
राउत ने कहा कि बागी सांसदों द्वारा अपनाई जा रही रणनीति को पार्टी विश्वासघात, बेईमानी, साजिश और धोखाधड़ी मानती है। उन्होंने दावा किया कि कुछ सांसद विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर विलय की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नौ में से छह सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। ये सांसद लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के दो-तिहाई सदस्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिससे पार्टी में टूट की संभावना और बढ़ गई है।
भाजपा और शिंदे पर भी साधा निशाना
राउत ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीति को गंदा करने वालों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। साथ ही दावा किया कि बागी सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों में जनता नाराज है और विरोध प्रदर्शन कर रही है।
सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू
राउत ने कहा कि पार्टी सांसद अरविंद सावंत अयोग्यता याचिका से जुड़े दस्तावेज तैयार कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के चुनाव चिन्ह और नाम पर जीतकर आए सांसद यदि व्हिप का उल्लंघन करते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
(एएनआई)
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