आवागमन का पक्का रास्ता नहीं, कीचड़ में फंसी बीमार आदिवासी महिला की समय पर इलाज न मिलने से मौत
रीवा (मध्य प्रदेश)। सिरमौर तहसील अंतर्गत बैकुंठपुर क्षेत्र के ग्राम पाली से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ आवागमन का पक्का रास्ता न होने और कीचड़ भरे गड्ढों के कारण एक बीमार आदिवासी महिला को समय पर अस्पताल नहीं पहुँचाया जा सका। इलाज में हुई देरी के चलते महिला की मौत हो गई।
खराब रास्ते ने बढ़ाई परेशानी, बीमार महिला को अस्पताल ले जाने में आई बाधा
जानकारी के अनुसार ग्राम पाली निवासी लक्ष्मी कोल बीते चार-पांच दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं। अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन गांव तक किसी वाहन के पहुँचने का रास्ता नहीं था। रास्ते में अत्यधिक कीचड़ और गड्ढे होने के कारण वाहन नहीं आ सका।
20 मिनट पहले पहुँचते तो बच जाती जान
मजबूर होकर परिजनों और ग्रामीणों ने महिला को चारपाई पर लिटाया और कीचड़ भरे रास्तों से पैदल ही मुख्य मार्ग की ओर रवाना हुए। इस मशक्कत में काफी समय बर्बाद हो गया। मृतका के पति नागेश्वर कोल का कहना है कि यदि 20 मिनट पहले रास्ता मिल जाता और समय पर अस्पताल पहुँच जाते, तो पत्नी की जान बच सकती थी।
रास्ते को लेकर जमीन का विवाद
ग्रामीणों ने बताया कि जिस मार्ग से वे आवागमन करते हैं, वह निजी ज़मीन का हिस्सा है और भू-स्वामी रास्ता नहीं बनने दे रहे हैं। परिजनों ने स्थानीय सरपंच, सचिव एवं तहसील प्रशासन से गुहार लगाई है कि रास्ते के विवाद को सुलझाकर तत्काल पक्की सड़क बनाई जाए, ताकि भविष्य में किसी और के साथ ऐसा हादसा न हो।
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