भोपाल में पदस्थ डीआईजी राजेश सिंह चंदेल सहित चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती का केस दर्ज.
ग्वालियर। भोपाल में पदस्थ डीआईजी राजेश सिंह चंदेल सहित चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती का केस दर्ज करने के आदेश दिये हैं। ग्वालियर जिला न्यायालय ने पुलिस महकमे को हिलाकर रख देने वाला एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने भोपाल में पदस्थ तत्कालीन एसपी (वर्तमान में डीआईजी) राजेश सिंह चंदेल, एक थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर) और दो अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ लूट, डकैती, जबरन वसूली, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक साजिश रचने की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज (परिवाद स्वीकार) करने का आदेश दिया है।
यह है पूरा मामला
यह पूरा मामला थाटीपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जिसके खिलाफ फरवरी 2024 में एक पीड़ित (फरियादी) द्वारा कोर्ट में परिवाद (Complaint) दायर किया गया था। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पीड़ित को डरा-धमकाकर करीब 30 लाख रुपये की जबरन वसूली की। जब पीड़ित और अधिक रकम नहीं दे पाया, तो पुलिस ने उल्टा उसे ही एक झूठी साजिश का हिस्सा बनाकर जेल भिजवा दिया।
एसपी से शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई
पीड़ित ने इस पूरे मामले की शिकायत तत्कालीन एसपी राजेश सिंह चंदेल से की थी। लेकिन आरोप है कि एसपी चंदेल ने दोषियों पर कोई कार्रवाई करने के बजाय मामले को वापस उसी थाने (थाटीपुर) में भेज दिया। पीड़ित ने खुद को बेगुनाह साबित करने और पैसे के लेन-देन को प्रमाणित करने के लिए थाने के सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की थी। कोर्ट ने भी इस संबंध में निर्देश दिए थे, लेकिन पुलिस ने कोर्ट को बताया कि फुटेज गायब (डिलीट) हो चुके हैं। कोर्ट ने इसे साक्ष्य मिटाने की श्रेणी में माना है।
अदालत की सख्त टिप्पणी
कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस के इस कृत्य पर गहरी नाराजगी जताई। अदालत ने माना कि पुलिसकर्मियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए न सिर्फ लूट और डकैती जैसी वारदात को अंजाम दिया, बल्कि सबूतों को भी नष्ट किया। इसी के आधार पर कोर्ट ने चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है।
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