बैतूल स्टेशन पर आरपीएफ जवान की बहादुरी, चलती ट्रेन के नीचे जाने से यात्री को बचाया
बैतूल,(मध्य प्रदेश)। बैतूल रेलवे स्टेशन पर शनिवार तड़के आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के एक जवान की सतर्कता और साहस से एक बड़ा हादसा टल गया। चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में एक यात्री का पैर फिसल गया और वह ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच फंसकर घिसटने लगा। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ प्रधान आरक्षक कुलवंत ने अपनी जान की परवाह किए बिना तत्काल दौड़कर यात्री को सुरक्षित बाहर खींच लिया और उसकी जान बचा ली।
यात्री जल्दबाजी में चढ़ने का कर रहे थे प्रयास
जानकारी के अनुसार, ट्रेन नंबर 15024 यशवंतपुर–गोरखपुर एक्सप्रेस 18 जुलाई 2026 को रात 12:53 बजे बैतूल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर पहुंची और 12:57 बजे रवाना हुई। ट्रेन के चलने के दौरान तीन-चार यात्री जल्दबाजी में चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान एक यात्री का संतुलन बिगड़ गया और उसका पैर फिसलने से वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंस गया।
कुलवंत ने यात्री को सुरक्षित बाहर खींचा
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए ड्यूटी पर मौजूद प्रधान आरक्षक कुलवंत ने तत्काल दौड़ लगाई और अपनी जान जोखिम में डालते हुए यात्री को सुरक्षित बाहर खींच लिया। उनकी त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी दुर्घटना टल गई। घटना की सूचना मिलते ही ट्रेन के गार्ड उमेश कुमार (नागपुर) ने तुरंत प्रेशर ड्रॉप कर ट्रेन को रोक दिया।
हादसे में यात्री को आईं मामूली खरोंचें
हादसे में यात्री को केवल मामूली खरोंचें आईं। आरपीएफ द्वारा उसे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की पेशकश की गई, लेकिन उसने मेडिकल कराने से इनकार करते हुए अपनी यात्रा जारी रखने की इच्छा जताई। पूछताछ में यात्री ने अपना नाम आकाश जाटव (24 वर्ष), निवासी गांव बैरागढ़, तहसील हुजूर, जिला भोपाल बताया। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरपीएफ ने यात्री को सुरक्षित ट्रेन में बैठाकर उसके गंतव्य के लिए रवाना किया।
मौजूद यात्रियों ने की आरपीएफ जवान की सराहना
आरपीएफ जवान कुलवंत की तत्परता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की इस कार्रवाई की स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने भी सराहना की। उनकी सूझबूझ के कारण एक परिवार का चिराग बुझने से बच गया और एक बड़ा रेल हादसा टल गया।
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