सचिन पायलट का CEC ज्ञानेश कुमार पर हमला, बोले- उनकी भूमिका संदिग्ध और कार्रवाई अवैध
नई दिल्ली: वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने उनके कार्यों को अवैध बताते हुए कहा कि उनकी भूमिका संदिग्ध है। पायलट ने यह बयान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास पर आयोजित बैठक से पहले मीडिया से बातचीत के दौरान दिया।
न्यायपालिका से की गई अपील
विपक्ष की चिंताओं का जिक्र करते हुए पायलट ने कहा कि कांग्रेस ने इस मामले में हस्तक्षेप के लिए न्यायपालिका से औपचारिक रूप से संपर्क किया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "देश की जनता चिंतित है। हमने न्यायपालिका से अपील की है। मुद्दा यह है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने जो किया वह अवैध है।"
विरोध स्थल बदलने पर भी पीछे नहीं हटेगा विपक्ष
समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज ने भी विरोध प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विरोध स्थल बदलने से विपक्ष की आवाज दबने वाली नहीं है और न ही प्रदर्शनकारी पीछे हटेंगे। उन्होंने कहा, "विरोध स्थल बदलने से हमारी आवाजें दब नहीं जाएंगी, न ही हम रुकने वाले हैं; बल्कि, उनके रवैये से हम और भी मजबूत हुए हैं... हम पीछे नहीं हटेंगे।" इससे पहले, इंडिया ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों के सुप्रीम कोर्ट तक 'चलो दिल्ली' मार्च के बाद राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि लोकतंत्र की रक्षा का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि उन्होंने इंडिया ब्लॉक के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को अपने आवास पर चाय पर आमंत्रित किया है। बैठक के बाद सभी नेता मीडिया के सामने अपना पक्ष रखेंगे। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “आज मैंने इंडिया गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और नागरिक समाज के साथियों को अपने घर पर चाय पर आमंत्रित किया है। लोकतंत्र की रक्षा के इस जन आंदोलन में हम सब एक साथ हैं और यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।” उन्होंने आगे कहा, “चाय के बाद, हम सब एक साथ आएंगे और मीडिया के सामने अपना पक्ष रखेंगे। सभी विरोध प्रदर्शन एक हैं।”
एसआईआर के फैसलों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
यह घटनाक्रम राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों द्वारा बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किए जाने के बाद सामने आया है। सोमवार को विपक्ष के 11 नेताओं ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। विपक्षी दल इस मुद्दे पर अपनी आपत्तियां उठा रहे हैं और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
(एएनआई)
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