राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उत्तर प्रदेश के

सहारनपुर में 17.29 करोड़ की जाली मुद्रा बरामदगी का मामला, एनआईए ने बैंक कर्मचारी को गिरफ्तार किया

Saharanpur Fake Currency Case: NIA Arrests Bank Employee

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के करेंसी चेस्ट में कथित जाली मुद्रा की साजिश के सिलसिले में फरार आरोपी अमित कुमार को गिरफ्तार किया है। अमित कुमार बैंक कर्मचारी है और एफआईआर में उसका नाम प्रमुख आरोपियों में शामिल है।

चंडीगढ़ से हुई गिरफ्तारी

एनआईए के अनुसार, अमित कुमार को 7 सितंबर को चंडीगढ़ में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे चंडीगढ़ की विशेष एनआईए अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे लखनऊ की विशेष एनआईए अदालत में पेश करने के लिए दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी है।

करेंसी चेस्ट से मिले थे 17.29 करोड़ के जाली नोट

यह मामला 29 अगस्त 2026 को सहारनपुर स्थित पीएनबी के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये मूल्य के जाली भारतीय नोटों की बरामदगी से जुड़ा है। मामले में शुरुआत में 29 अगस्त को सहारनपुर के सदर बाजार पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 178 के तहत एफआईआर संख्या 0431/2026 दर्ज की गई थी। इसमें तीन आरोपियों को नामजद किया गया था।

तीन बैंक कर्मचारियों की सामने आई थी भूमिका

प्रारंभिक जांच के दौरान पीएनबी के तीन कर्मचारियों की कथित संलिप्तता सामने आई थी। इसके बाद बैंक ने तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। बाद में मामले को एनआईए ने अपने हाथ में ले लिया और 3 सितंबर 2026 को इसे फिर से दर्ज किया। एनआईए अब जाली मुद्रा के स्रोत, उसकी खरीद और आवागमन समेत पूरी कथित साजिश की जांच कर रही है। एजेंसी इसमें शामिल अन्य लोगों की कथित भूमिकाओं का भी पता लगा रही है। अमित कुमार उस समय पीएनबी प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे और करेंसी चेस्ट के संयुक्त संरक्षक थे। वह एफआईआर में नामजद तीन बैंक कर्मचारियों में से एक हैं। एनआईए ने कहा है कि पूरी साजिश का पर्दाफाश करने और मामले में फरार अन्य आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जांच जारी है।

(एएनआई)

यह भी पढ़: दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता की नोएडा में मौत, आत्महत्या की आशंका