लखनऊ में समाजवादी छात्र सभा का प्रदर्शन, फीस बढ़ोतरी और छात्र संघ चुनाव बहाली समेत कई मांगें उठाईं
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी छात्र सभा के नेतृत्व में गुरुवार को बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं ने लखनऊ के 1090 चौराहे पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालयों में फीस बढ़ोतरी वापस लेने, छात्र संघ चुनाव बहाल करने, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ से निष्कासित छात्रों की बहाली और पेपर लीक मामलों की जांच समेत कई मांगें उठाईं।
राजभवन जाने से रोके गए प्रदर्शनकारी, हिरासत में लिए गए छात्र
प्रदर्शन का नेतृत्व समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा ने किया। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों का ज्ञापन राज्यपाल को सौंपने के लिए राजभवन की ओर जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। सपा का आरोप है कि इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद कई छात्र-नौजवानों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया गया।
फीस बढ़ोतरी के खिलाफ विनीत कुशवाहा ने उठाई आवाज
विनीत कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में लगातार बढ़ रही फीस से गरीब, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने छात्र संघ चुनावों की बहाली की मांग करते हुए कहा कि इससे छात्रों की समस्याओं को उठाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
निष्कासित छात्रों की बहाली और जौहर विश्वविद्यालय कार्रवाई रोकने की मांग
उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के निष्कासित छात्रों का मुद्दा उठाते हुए निष्कासन वापस लेने और निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके अलावा रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकने की मांग भी की गई।
छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने की अपील
समाजवादी छात्र सभा ने कहा कि शिक्षा से जुड़े मामलों में छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और सरकार को छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
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