समाजवादी पार्टी ने यूपी में 23 अक्टूबर को होने वाल

यूपी में MLC चुनाव से पहले सपा का बड़ा आरोप, समर्थक मतदाताओं को डराने-धमकाने की शिकायत

Samajwadi Party Alleges Voter Intimidation Ahead of UP MLC Elections

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की स्नातक और खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले मतदान से पहले समाजवादी पार्टी ने मतदाताओं को कथित रूप से डराने-धमकाने की शिकायत की है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सपा ने आरोप लगाया कि प्रदेश के 72 जनपदों में उसके समर्थक मतदाताओं को मतदान से रोकने की कोशिश की जा रही है। कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को इन जनपदों से अलग रखा गया है।

सपा का आरोप- मतदाताओं को मतदान से रोकने की कोशिश

ज्ञापन में समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के मंत्रियों और भाजपा पदाधिकारियों के इशारे पर अधिकारियों के दबाव में पुलिसकर्मी सपा समर्थक मतदाताओं को निशाना बना रहे हैं। पार्टी का कहना है कि मतदाताओं को मतदान के दिन घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी जा रही है और कथित तौर पर फर्जी मुकदमों में फंसाने तथा जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। सपा ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर मतदाताओं को पुलिस थानों में बुलाकर परेशान किया जा रहा है और भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने का दबाव बनाया जा रहा है।

प्रयागराज में मतदाताओं को धमकाने का आरोप

इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रयागराज जिले में कथित उत्पीड़न के दो मामलों का उल्लेख ज्ञापन में किया गया है। सपा के अनुसार, मऊआइमा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस चौकी प्रभारी रामफल और ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने मलखानपुर गांव की अंजू यादव को कथित तौर पर डराया-धमकाया और मतदान करने से मना किया। इसके अलावा, जंघई पुलिस चौकी पर शोरो गांव के निवासी रामजी यादव को मतदान नहीं करने के लिए धमकाने का आरोप लगाया गया है। पार्टी ने इन शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की है।

जौनपुर में विद्यालय प्रबंधकों पर दबाव बनाने का आरोप

वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत जौनपुर जिले में भी सपा ने कथित अनियमितताओं की शिकायत की है। ज्ञापन के मुताबिक, जिलाधिकारी के दबाव में जिला विद्यालय निरीक्षक जौनपुर द्वारा विद्यालयों के प्रबंधकों को बुलाकर मतदान के दिन घर पर रहने और मतदान नहीं करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा सपा समर्थक मतदाताओं की सूची संबंधित थानों में भेजे जाने की जानकारी भी सामने आ रही है। ज्ञापन में आशंका जताई गई है कि ऐसे मतदाताओं को रात में गिरफ्तार कर मतदान समाप्त होने तक हिरासत में रखा जा सकता है। सपा ने जिला विद्यालय निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है।

आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची पर सवाल

समाजवादी पार्टी ने आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में डुप्लीकेट नाम और अन्य त्रुटियां होने का आरोप लगाया है। ज्ञापन में पोलिंग बूथ संख्या 224 के मतदाता क्रमांक 522 पर पीयूष कुमार पोरवाल, जिनके संबंध में राधेश्याम पोरवाल का नाम दर्ज है, का नाम दो बार दर्ज होने की शिकायत की गई है। इसी बूथ पर मतदाता क्रमांक 523 में बब्बन, जिनके पिता का नाम रामचंद्र है, का नाम भी दो बार दर्ज होने का उल्लेख किया गया है। सपा का कहना है कि मतदाता सूची की इन कथित गड़बड़ियों से मतदान के दौरान मतदाताओं को परेशानी हो सकती है।

सभी 11 सीटों पर निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान की मांग

सपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अनुरोध किया है कि सभी संबंधित जिलाधिकारियों, सहायक निर्वाचन अधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि किसी भी मतदाता को मतदान करने से न रोका जाए। पार्टी ने 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले मतदान को निष्पक्ष, पारदर्शी, स्वतंत्र और भयमुक्त तरीके से संपन्न कराने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि मतदान प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कराई जानी चाहिए और मतदाताओं को बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिलना चाहिए।

मतदान के बाद पोलिंग एजेंटों को फॉर्म-17सी देने की मांग

समाजवादी पार्टी ने मतदान समाप्त होने के बाद प्रत्येक बूथ पर मतदाताओं की कुल संख्या और पड़े मतों का लेखा-जोखा पोलिंग एजेंटों को उपलब्ध कराने की मांग भी की है। ज्ञापन में कहा गया है कि वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सहित विधान परिषद की सभी 11 सीटों पर मतदान के बाद संबंधित रिकॉर्ड पोलिंग एजेंटों को दिया जाना चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि पीठासीन अधिकारियों को दिए गए प्रशिक्षण में फॉर्म-17सी पोलिंग एजेंटों को नहीं देने का निर्देश दिया गया है, जो उसके अनुसार भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के विपरीत है।

सपा प्रतिनिधिमंडल ने त्वरित कार्रवाई की मांग की

मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को सौंपे गए ज्ञापन में समाजवादी पार्टी ने मतदाताओं की सुरक्षा, मतदाता सूची की त्रुटियों और मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह शामिल रहे। पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति पर मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी का नाम दर्ज है। ज्ञापन में लगाए गए आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं किया गया है।

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