मतदाता सूची के दो अभियानों पर सपा ने उठाए सवाल, एक ही SSR अभियान चलाने की मांग
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष अभियान और विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की ओर से राजनीतिक दलों के साथ आयोजित बैठक में मांग की कि दोनों अभियानों को अलग-अलग चलाने के बजाय एक ही SSR अभियान में शामिल किया जाए। सपा ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची का विशेष अभियान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
SIR के बाद विशेष अभियान शुरू करने पर सवाल
समाजवादी पार्टी के अनुसार, प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के अंतर्गत 1,77,516 बूथों पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 166 दिनों यानी करीब साढ़े पांच महीने तक चलाया गया। इसके बाद 5 अक्टूबर 2026 से एक महीने के लिए मतदाता सूची का विशेष अभियान शुरू किया गया। पार्टी ने सवाल उठाया कि विशेष अभियान के बीच ही 12 नवंबर 2026 से एक महीने के लिए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया गया है।
एक ही SSR अभियान चलाने की मांग
बैठक में सपा ने विशेष अभियान के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं और नए मतदाता बनने के इच्छुक लोगों को जटिल एवं कठिन नियमों का पालन करना पड़ा। पार्टी का कहना है कि अब SIR प्रक्रिया के नियमों को निष्प्रभावी करके विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सपा ने दोनों अभियानों को अलग-अलग संचालित करने के बजाय विशेष अभियान का SSR में विलय करने और केवल एक SSR अभियान चलाने की मांग की।
BLO के नाम और मोबाइल नंबर की सूची उपलब्ध कराने की मांग
समाजवादी पार्टी ने बैठक में विधानसभा क्षेत्रवार बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के नाम और मोबाइल नंबर की सूची बूथ लेवल एजेंटों (BLA) अथवा राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराने की मांग रखी। पार्टी ने कहा कि यह जानकारी उपलब्ध होने से मतदाता सूची के पुनरीक्षण से संबंधित कार्यों में राजनीतिक दलों को सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही, सपा ने निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।
फार्म-6, 7 और 8 का विवरण सार्वजनिक करने की मांग
सपा ने मांग की कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) के कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर प्रतिदिन प्राप्त होने वाले फार्म-6, फार्म-7 और फार्म-8 का विवरण कम से कम एक सप्ताह तक अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए। इसके अलावा, BLO द्वारा चिह्नित मतदाताओं और प्राप्त फार्मों के आधार पर तैयार की गई सूची प्रत्येक सप्ताह राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराने की मांग की गई। पार्टी ने इन व्यवस्थाओं को मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया से संबंधित अपनी प्रमुख मांगों के रूप में रखा।
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