समस्तीपुर में AI वीडियो से अपहरण का डर दिखाकर 22 हजार की ठगी, दो दिन बाद सकुशल लौटा बच्चा
समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां साइबर बदमाशों ने 12 वर्षीय किशोर के अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर उसके परिजनों से 22 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर बच्चे की गुमशुदगी से संबंधित पोस्ट से उसकी तस्वीर और मोबाइल नंबर हासिल किया। इसके बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बच्चे को बंधक दिखाने वाला वीडियो तैयार कर परिजनों को भेजा और उसे नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर डराया। हालांकि, दो दिनों तक परेशान रहने के बाद परिवार को उस समय राहत मिली, जब किशोर सकुशल समस्तीपुर लौट आया।
गुमशुदगी की पोस्ट से हासिल की तस्वीर और नंबर
जानकारी के अनुसार, पीड़ित दीपक साह मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सोनवर्षा चौक के निवासी हैं और शहर में अलग-अलग जगहों पर गोलगप्पे बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। गुरुवार को उनका 12 वर्षीय बेटा बाल कटवाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद परिजनों ने सोशल मीडिया पर उसकी गुमशुदगी की पोस्ट साझा की और स्थानीय थाने को भी इसकी सूचना दी। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर साझा की गई गुमशुदगी की पोस्ट से साइबर बदमाशों ने बच्चे की तस्वीर और मोबाइल नंबर हासिल कर लिया। इसके बाद आरोपियों ने AI की मदद से एक वीडियो तैयार किया, जिसमें बच्चे के हाथ-पैर बंधे हुए दिखाए गए। वीडियो के जरिए उसे पिस्टल से गोली मारने की धमकी देते हुए परिजनों को डराया गया। आरोपियों ने कई घंटों तक वीडियो कॉल कर परिवार पर दबाव बनाया और बच्चे को छोड़ने के बदले पैसों की मांग की। धमकियों से घबराकर पिता ने UPI के माध्यम से 22 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी आरोपियों ने बच्चे को वापस करने के बदले नकद रुपये देने की बात कही।
दो दिन तक परेशान रही पुलिस, CCTV फुटेज भी खंगाले
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुफस्सिल थाना पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस और परिजन बच्चे की तलाश में जुटे रहे। आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज भी खंगाले गए। बताया जाता है कि AI से तैयार वीडियो इतना भ्रामक था कि शुरुआती जांच के दौरान उसकी वास्तविकता समझने में भी परेशानी हुई। इसी बीच शहर के विवेक विहार मोहल्ले में बच्चा अचानक पुलिस और अपने पिता के सामने पहुंच गया। बेटे को सकुशल देखकर पिता ने राहत की सांस ली। किशोर के वापस मिलने से परिवार की चिंता दूर हुई।
किशोर ने बताई बलिया जाने की बात
पुलिस की पूछताछ में किशोर ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के बलिया चला गया था। उसके अनुसार, तिरहुत अकादमी के पास एक व्यक्ति ने उसे चावल-दाल खिलाया और फिर अपने साथ बलिया ले गया। किशोर ने यह भी बताया कि उसे किसी नशीले पदार्थ जैसा कुछ खिलाया गया था। उसके मुताबिक, जब उसे होश आया तो वह बलिया में एक ट्रेन में था। बाद में ट्रेन से उतरकर वह वापस समस्तीपुर पहुंच गया। हालांकि, किशोर के साथ वास्तव में क्या हुआ और उसे बलिया कौन तथा किन परिस्थितियों में ले गया, इसकी पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी।
साइबर ठगी की जांच में जुटी पुलिस
मुफस्सिल थानाध्यक्ष अजीत प्रसाद सिंह के मुताबिक, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। इसी दौरान किशोर खुद वापस लौट आया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, साइबर बदमाशों ने मध्य प्रदेश के एक बैंक खाते में पैसे मंगवाकर परिवार से ठगी की है। ऑनलाइन ठगी के मामले में साइबर पुलिस की मदद ली जा रही है। पुलिस अब बच्चे के बलिया जाने की परिस्थितियों, वीडियो तैयार करने वाले आरोपियों और ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खाते की जांच कर रही है।
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