लखीसराय के घोंघी-कोडाशी उत्क्रमित मध्य विद्यालय का

लखीसराय में 15 दिनों से बंद पड़ा स्कूल, रास्ता बंद होने से ठप हुई बच्चों की पढ़ाई

School in Lakhisarai Shut for 15 Days as Access Road Blocked, Students’ Studies Hit

लखीसराय,(बिहार)। पीरीबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, घोंघी-कोडाशी पिछले 15 दिनों से बंद पड़ा है। विद्यालय में ताला लटकने से यहां नामांकित छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई है। स्कूल बंद रहने से बच्चों का शैक्षणिक भविष्य अधर में लटक गया है, जबकि अभिभावकों और ग्रामीणों में भी गहरी चिंता व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा जैसी मूलभूत व्यवस्था रास्ते की समस्या के कारण प्रभावित होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

पिछले 15 दिनों से पठन-पाठन पूरी तरह बंद

विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक भरत कुमार ने बताया कि कजरा सोलर पावर प्लांट द्वारा विद्यालय तक जाने वाला रास्ता बंद कर दिए जाने के कारण शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं। यही वजह है, कि पिछले 15 दिनों से पठन-पाठन पूरी तरह बंद है। उन्होंने बताया कि इस गंभीर समस्या से जिला शिक्षा पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर अवगत कराया गया है तथा शीघ्र समाधान की मांग की गई है।

निकटवर्ती विद्यालय मे स्थानान्तर पर हो रहा विचार 

प्रभारी प्रधानाध्यापक ने बताया कि शिक्षा विभाग स्तर पर बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हो, इसके लिए उन्हें किसी निकटवर्ती विद्यालय में स्थानांतरित कर पठन-पाठन की व्यवस्था करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है। ऐसे में विद्यालय के छात्र-छात्राओं का भविष्य अनिश्चितता के बीच फंसा हुआ है।

छोटे बच्चों के लिए इतनी दूर आना-जाना आसान नहीं

इधर अभिभावकों का कहना है कि यदि बच्चों को दूसरे विद्यालय में भेजा जाता है तो उन्हें प्रतिदिन कई किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ सकती है। छोटे बच्चों के लिए इतनी दूर आना-जाना आसान नहीं होगा। इससे उनकी नियमित उपस्थिति और पढ़ाई दोनों प्रभावित होंगी। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर रास्ता नहीं रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई बंद होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

विद्यालय तक पहुंचने के लिए तत्काल वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यालय तक पहुंचने के लिए तत्काल वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था कराई जाए, ताकि शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो सके और विद्यालय में फिर से पठन-पाठन शुरू हो। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो इस क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों का शैक्षणिक भविष्य गंभीर रूप से प्रभावित होगा। 

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