शिक्षक तेजलाल धुर्वे नियमित रूप से स्कूल नहीं पहुं

स्कूल में शिक्षक नहीं, रसोइया संभाल रही व्यवस्था

School Running Without Teachers

डिंडोरी (मध्यप्रदेश)। सरकार जहां ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और बच्चों को बेहतर भविष्य देने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, वहीं जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते धरातल पर शिक्षा व्यवस्था बदहाल नजर आ रही है। मामला डिंडौरी जिले के बजाग विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चांडा के ग्राम सिलपीड़ी में संचालित प्राथमिक शाला सिलपीड़ी का है, जहां पदस्थ प्राथमिक शिक्षक तेजलाल धुर्वे की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

शिक्षक नियमित रूप से नहीं पहुंचते स्कूल 

 ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक तेजलाल धुर्वे नियमित रूप से स्कूल नहीं पहुंचते और अपनी मनमर्जी के अनुसार विद्यालय का संचालन कर रहे हैं। शिक्षक की अनुपस्थिति का सीधा असर स्कूल में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है, कि शिक्षक शासन से मिलने वाला वेतन तो नियमित ले रहे हैं, लेकिन अपनी जिम्मेदारी के अनुसार स्कूल में उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहे।

रसोइया ने खोला स्कूल का ताला

मौके पर मौजूद स्कूल की रसोइया रामवती ने बताया कि आज शिक्षक तेजलाल धुर्वे स्कूल नहीं आए हैं। उनके द्वारा ही स्कूल का ताला खोला गया है। स्कूल पहुंचे बच्चों को मध्यान्ह भोजन खिलाकर छुट्टी कर दी जाएगी। वहीं ग्रामीण नवल सिंह ने बताया कि शिक्षक कभी आते हैं और कभी नहीं आते। बच्चों को सिर्फ दाल-चावल खिलाकर वापस भेज दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण चाहते हैं कि उनके बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करें, क्योंकि वह खुद पढ़ाई नहीं कर सके लेकिन अपने बच्चों का भविष्य बेहतर देखना चाहते हैं।

बच्चों के भविष्य के साथ लापरवाही 

बताया गया कि प्राथमिक शाला सिलपीड़ी में शिक्षक तेजलाल धुर्वे के साथ पदस्थ रहीं शिक्षिका लीना केचे का स्थानांतरण हो चुका है, जिन्हें 19 जून को विद्यालय से भार मुक्त किया गया है। ऐसे में विद्यालय में अब शिक्षक की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, लेकिन ग्रामीणों के आरोपों से शिक्षक की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं, या फिर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों का भविष्य इसी तरह लापरवाही की भेंट चढ़ता रहेगा। 

यह भी पढ़ेंः भारत-इज़राइल के बीच सार्वजनिक लेखापरीक्षक सहयोग पर समझौता