कोयला खदान के लिए उजड़ेगा स्कूल, 613 छात्रों के भविष्य पर संकट
उमरिया (मध्यप्रदेश): उमरिया जिले के घुलघुली स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का भवन कंचन ओपन कोल माइंस परियोजना के अधिग्रहण क्षेत्र में आने के कारण यहां पढ़ने वाले 613 छात्र-छात्राओं के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने फिलहाल विद्यार्थियों को करीब 7 से 8 किलोमीटर दूर स्थित दूसरे विद्यालय में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है, जिससे छात्रों और अभिभावकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
दूरी बढ़ने से पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका
विद्यार्थियों का कहना है कि रोज इतनी दूरी तय करना कठिन होगा। अधिकांश छात्र ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं। उनका मानना है कि लंबी दूरी, बरसात और आवागमन की समस्या के कारण पढ़ाई प्रभावित हो सकती है और कुछ छात्र स्कूल छोड़ने को भी मजबूर हो सकते हैं।
माइंस प्रबंधन ने परिवहन की दी गारंटी
वहीं, कंचन ओपन कोल माइंस प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि नए विद्यालय भवन के तैयार होने तक विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो। अभिभावकों की मांग है कि नए भवन के निर्माण तक घुलघुली या आसपास के किसी शासकीय भवन में अस्थायी रूप से कक्षाएं संचालित की जाएं। उनका कहना है कि केवल परिवहन व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, खासकर छोटे बच्चों के लिए।
प्रशासन ने नए भवन निर्माण को दी प्राथमिकता
मामले को लेकर जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों और माइंस प्रबंधन के साथ बैठक कर नए विद्यालय भवन का निर्माण प्राथमिकता से कराने तथा तब तक विद्यार्थियों के आवागमन की पूरी जिम्मेदारी माइंस प्रबंधन को सौंपने का निर्णय लिया है।
613 नए छात्रों से बढ़ेगा संसाधनों पर दबाव
हालांकि अब एक नया सवाल भी खड़ा हो गया है। जिन विद्यालय में इन 613 विद्यार्थियों को भेजा जाएगा, वहां पहले से पढ़ रहे छात्रों के साथ इतनी बड़ी संख्या जुड़ने से शिक्षा की गुणवत्ता, संसाधनों और व्यवस्थाओं पर क्या असर पड़ेगा, यह चिंता का विषय बना हुआ है।
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