बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गौर ट्रांसलोकेशन के दूसरे चरण की सफल शुरुआत
MP News : उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गौर (भारतीय बाइसन) के ट्रांसलोकेशन कार्यक्रम के दूसरे चरण की सफल शुरुआत हो गई है। इस चरण के पहले दिन सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से लाए गए पांच गौरों को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा गया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्यक्रम क्षेत्र में गौरों की घटती संख्या को बढ़ाने और जैव विविधता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
छोड़े गये सभी गौर स्वस्थ
वन विभाग द्वारा बताया गया कि छोड़े गए सभी गौर स्वस्थ हैं और उनकी गतिविधियों पर विशेषज्ञों की टीम द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। ट्रांसलोकेशन से पहले सभी गौरों की चिकित्सकीय जांच की गई थी और उन्हें रेडियो कॉलर से लैस किया गया है, ताकि उनके मूवमेंट और अनुकूलन प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके।
गौरों के अनुकूल है बांधवगढ़
अधिकारियों का कहना है कि बांधवगढ़ का वन क्षेत्र गौरों के लिए अनुकूल है। यहां पर्याप्त घास के मैदान, जल स्रोत और सुरक्षित आवास उपलब्ध हैं। इससे न केवल गौरों की आबादी में इजाफा होगा, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और खाद्य श्रृंखला को भी मजबूती मिलेगी। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार गौर जैसे शाकाहारी जीवों की संख्या बढ़ने से बाघों और अन्य मांसाहारी वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक शिकार आधार भी मजबूत होगा, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका कम हो सकती है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
वन विभाग ने बताया कि दूसरे चरण के तहत आने वाले दिनों में और भी गौर छोड़े जाएंगे। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग ने इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं तथा ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे जंगल क्षेत्र में अनावश्यक प्रवेश न करें। यह ट्रांसलोकेशन कार्यक्रम मध्यप्रदेश को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बार फिर अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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