स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को गैस एजेंसी और सिलेंडर वितरण व्यवस्था से जोड़ा जाएगा: केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ/ग्रेटर नोएडा। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा आयोजित बायर-सेलर-मीट को संबोधित करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार द्वारा खोले गए विदेशी बाजारों के रास्ते आज उत्तर प्रदेश की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिल रही है।
गांव की दीदियों के सामान का विदेशी धरती पर भी उपयोग
अब गांव की दीदियों के हाथों से तैयार सामान विदेशी धरती पर भी उपयोग किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मोदी है तो मुमकिन है’ के संकल्प को साकार करते हुए ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया है। उप मुख्यमंत्री मौर्य ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न स्टॉलों पर प्रदर्शित उत्पादों एवं नवाचारों की जानकारी ली। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों/उद्यमियों को चेक वितरित किए तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मौर्य ने महिला स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय उद्यमियों द्वारा तैयार उत्पादों की सराहना करते हुए उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने पर बल दिया।
महिलाओं को आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने के लिए प्रतिबद्ध सरकार
मौर्य ने कहा कि डबल इंजन सरकार प्रदेश की दीदियों को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय से वार्ता कर उत्तर प्रदेश के प्रत्येक गांव में महिला स्वयं सहायता समूहों को गैस एजेंसी एवं सिलेंडर वितरण व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इससे गांव की महिलाओं के लिए आय के नए और स्थायी अवसर सृजित होंगे।
महिलाओं की आय बढ़ाने के हो रहे प्रयास
उन्होंने कहा कि दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से प्रदेश में 11.21 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों, 66,002 ग्राम संगठनों तथा 3,297 संकुल स्तरीय संघों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। लगभग 1.31 करोड़ ग्रामीण परिवारों की महिलाओं को सामाजिक एवं वित्तीय समावेशन तथा कृषि एवं गैर-कृषि आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बाजार की पूरी मूल्य श्रृंखला से महिलाओं को जोड़ने पर जोर
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन के माध्यम से समूहों को ₹1,364 करोड़ से अधिक रिवॉल्विंग फंड, ₹8,512 करोड़ से अधिक सामुदायिक निवेश निधि तथा ₹12,730 करोड़ से अधिक बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया है। अब जोर केवल उत्पादन पर नहीं, बल्कि उत्पादन, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, विपणन और बाजार की पूरी मूल्य श्रृंखला से महिलाओं को जोड़ने पर है।
3,000 से अधिक उत्पादों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के 3,000 से अधिक उत्पादों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की कार्रवाई की गई है तथा प्रदेश में 543 प्रेरणा सरस स्टोर स्थापित किए गए हैं। बिजनौर में राज्य एकत्रीकरण केंद्र के माध्यम से विभिन्न समूहों के उत्पादों को एकत्र कर बड़े बाजारों तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जा रही है।
ई-कॉमर्स लिंकेज के नए अवसर पैदा
मौर्य ने कहा कि बायर-सेलर-मीट केवल उत्पादों के प्रदर्शन का मंच नहीं, बल्कि बल्क ऑर्डर, बार-बार मिलने वाले ऑर्डर, संस्थागत खरीद, रिटेल पार्टनरशिप, डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनरशिप और ई-कॉमर्स लिंकेज के नए अवसर पैदा करने का माध्यम है। उन्होंने खरीदारों से आग्रह किया कि वे महिला उद्यमियों को केवल स्पलायर नहीं, बल्कि दीर्घकालिक बिजनेस पार्टनर के रूप में देखें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की दीदियों द्वारा तैयार मसाले, शहद, अचार-मुरब्बा, दुग्ध उत्पाद, हैंडलूम एवं सिल्क साड़ियां, चिकनकारी, जूट एवं हैंडीक्राफ्ट, ग्लास लैंप, पापड़, चिप्स सहित अनेक उत्पाद आज बाजार में अपनी पहचान बना रहे हैं। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे मंच इन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला स्थायी व्यावसायिक तंत्र तैयार
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ के संकल्प को साकार करते हुए उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाएं उत्पादन से लेकर विपणन और निर्यात तक अपनी भूमिका मजबूत कर रही हैं। हमारा लक्ष्य है—बेहतर उत्पाद, बेहतर गुणवत्ता, बेहतर पैकेजिंग, मजबूत ब्रांड और व्यापक बाजार पहुंच के साथ महिला उद्यमियों की बढ़ती आय। उन्होंने कहा कि जब सरकार, महिला उद्यमी और बाजार साझेदार मिलकर कार्य करते हैं, तब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला स्थायी व्यावसायिक तंत्र तैयार होता है। डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि गांव की दीदी का हुनर स्थानीय बाजार से निकलकर राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंचे तथा हर महिला के परिश्रम को आर्थिक पहचान मिले।
यह भी पढ़ेंः यूपीआईटीएस के सांस्कृतिक मंच पर दिखी प्रदेश की समृद्ध विरासत, पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्र की प्रस्तुति ने बांधा समां