गौरीगंज के चार बार विधायक रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता

भाजपा के वरिष्ठ नेता दादा तेजभान सिंह को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

Senior BJP Leader Dada Tejbhan Singh Cremated with State Honours in Amethi

अमेठी,(उत्तर प्रदेश)। गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता, लोकतंत्र सेनानी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित कार्यकर्ता दादा तेजभान सिंह को रविवार को उनके पैतृक गांव अचलपुर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम यात्रा में हजारों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरे मार्ग में लोगों ने पुष्प अर्पित कर अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि दी।

मैक्स अस्पताल में उपचार के दौरान निधन

83 वर्षीय दादा तेजभान सिंह का शनिवार को लखनऊ स्थित मैक्स अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया था। उनके निधन की सूचना मिलते ही अमेठी सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर फैल गई। रविवार को उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए अचलपुर स्थित आवास पर रखा गया, जहां सुबह से ही समर्थकों, शुभचिंतकों, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा।

अंतिम यात्रा में विभिन्न लोगों ने लिया भाग

अंतिम यात्रा में भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा के दौरान कई स्थानों पर ग्रामीणों और समर्थकों ने पुष्पवर्षा कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। अंतिम संस्कार से पूर्व पुलिस विभाग ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। पूरे क्षेत्र में शोक और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।

1977 में जनता पार्टी के टिकट पर पहली बार विधायक बने

दादा तेजभान सिंह ने वर्ष 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर पहली बार विधायक चुने जाने के साथ अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। भाजपा के गठन के बाद उन्होंने संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वर्ष 1991, 1993 तथा 1996 में लगातार तीन बार गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। सादगीपूर्ण जीवन, स्पष्टवादिता और जनहित के प्रति समर्पण के कारण वे अमेठी की राजनीति में 'दादा' के नाम से लोकप्रिय रहे।

श्रद्धांजलि सभा का हुआ आयोजन

श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने उनके राजनीतिक जीवन, संगठनात्मक योगदान और जनसेवा के प्रति समर्पण को याद करते हुए कहा, कि उनका निधन अमेठी ही नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

यह भी पढ़ेंः नवरात्र में मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के वाहन से मिलते हैं शुभ-अशुभ संकेत