बैतूल में भीषण जल संकट, नल सूखे, हैंडपंप हुए बंद; कुएं के भीतर उतरने को मजबूर लोग
बैतूल। जिले में गर्मी की तपिश के साथ जल संकट गहराता जा रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि ग्रामीण इलाकों में पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार मचा हुआ है। गांव के अधिकांश हैंडपंप पूरी तरह से बंद हो चुके हैं। कई स्थानों पर बोरवेल का जलस्तर इतना नीचे गिर गया है कि वे सूख चुके हैं।
जोखिम भरी स्थिति
पानी की कमी के कारण कई परिवारों को अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर कुएं के भीतर उतरना पड़ रहा है।
महिलाओं और बच्चों को हो रही परेशानी
पानी लाने की जिम्मेदारी निभाने वाली महिलाओं और बच्चों को मीलों पैदल चलना पड़ रहा है और फिर गहरे कुओं से पानी निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है।
लगभग सूखे कुएं के पास जमा होने का दर्द
लोग सूखे कुओं के पास जमा हैं और पानी की तलाश में रस्सियों के सहारे नीचे उतरने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन द्वारा पानी की आपूर्ति के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण उन्हें इस भीषण संकट का सामना करना पड़ रहा है। बैतूल के इन गांवों में जल संकट अब एक मानवीय आपदा का रूप ले चुका है, जहाँ बुनियादी सुविधाओं के अभाव में लोग संघर्षपूर्ण जीवन जीने को मजबूर हैं।
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