SGPGI लखनऊ में स्तनपान जागरूकता पर CME आयोजित, 48 पोस्टरों से दिया शिशु पोषण का संदेश
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) के मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य (MRH) तथा नियोनेटोलॉजी विभागों ने विश्व स्तनपान सप्ताह के समापन के अवसर पर 8 अगस्त को CME कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्तनपान के महत्व, शिशु पोषण और नवजात देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। इस दौरान 48 जागरूकता पोस्टरों की प्रदर्शनी, नर्सिंग छात्रों की जागरूकता प्रस्तुति और विशेषज्ञों के इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से जन्म के तुरंत बाद स्तनपान शुरू करने सहित इससे जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी साझा की गई।
48 पोस्टरों और जागरूकता नाटक ने खींचा ध्यान
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण नर्सिंग छात्रों एवं नर्सिंग अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए 48 ज्ञानवर्धक पोस्टरों की प्रदर्शनी रही। इन पोस्टरों के माध्यम से स्तनपान के महत्व, शिशु पोषण तथा नवजात शिशु की देखभाल से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। नर्सिंग छात्रों द्वारा प्रस्तुत जागरूकता नाटक भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा, जिसमें जन्म के तुरंत बाद स्तनपान शुरू करने तथा इसे जारी रखने के महत्व को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया।
स्तनपान से जुड़ी चुनौतियों और समाधान पर इंटरैक्टिव सत्र
CME के दौरान MRH एवं नियोनेटोलॉजी विभाग के सीनियर रेजिडेंट्स द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर इंटरैक्टिव जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। इनमें गर्भावस्था के दौरान स्तनपान, सिजेरियन डिलीवरी के बाद स्तनपान, जन्म के तुरंत बाद स्तनपान की शुरुआत, नवजात शिशु के फीडिंग रिफ्लेक्स तथा स्तनपान से संबंधित सामान्य चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। स्तनपान से जुड़े प्रमुख संदेशों को सरल एवं रोचक तरीके से दोहराने के लिए ‘रैपिड-फायर’ सत्र भी आयोजित किया गया।
फैकल्टी, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और माताओं ने लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा
कार्यक्रम में संस्थान के फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों, नर्सिंग छात्रों तथा अस्पताल में उपचार हेतु आने वाली माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो शिशुओं के बेहतर पोषण, स्वस्थ विकास तथा मातृ स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के प्रति संस्थान की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम का सफल समन्वय MRH विभाग की डॉ. नीता सिंह एवं डॉ. मोनाली तथा नियोनेटोलॉजी विभाग की डॉ. आकांक्षा वर्मा एवं डॉ. श्वेताभ द्वारा किया गया।
यह भी पढ़े: भोपाल में 11वीं ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक संपन्न, अपनाया गया भोपाल घोषणापत्र