शाजापुर में गणेश विसर्जन के दौरान भिड़े दो पक्ष, पुलिस की मौजूदगी में जमकर हुआ विवाद
शाजापुर (मध्य प्रदेश)। जिला मुख्यालय के पास स्थित जादामी नदी विसर्जन स्थल से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां देर रात गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो पक्षों में जमकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि बात हाथापाई तक पहुंच गई। हैरानी की बात यह है कि विसर्जन स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को ताक पर रखकर यह हंगामा होता रहा।
मामूली सी बात पर भिड़े दो पक्ष
प्रशासन द्वारा शाजापुर की जादमी नदी पर गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए आधिकारिक स्थल बनाया गया था। देर रात तक श्रद्धालु भगवान गणेश की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ला रहे थे। इसी दौरान ट्रैक्टर-ट्राली को आगे-पीछे ले जाने की मामूली सी बात को लेकर दो पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और मामला हाथापाई तक जा पहुंचा।
पुलिस व्यवस्था और प्रशासनिक चूक
इस पूरी घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह उठता है कि जब विसर्जन स्थल पर पुलिस बल की भारी तैनाती थी, तो सुरक्षाबल उस वक्त क्या कर रहे थे? मामूली विवाद को समय रहते शांत क्यों नहीं कराया गया? हालांकि, घटना के बाद पुलिस ने खानापूर्ति करते हुए दोनों ही पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
जिम्मेदारों की चुप्पी और कार्रवाई
इस मामले की गहराई जानने के लिए जब हमारे संवाददाता ने लालघाटी थाना प्रभारी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। वहीं इस पूरे घटनाक्रम पर एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि घटना की पूरी जानकारी संबंधित थाने और थाना प्रभारी को है। भले ही पुलिस ने अब दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया हो, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के बावजूद इस तरह का विवाद होना सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलने के लिए काफी है।
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