शाजापुर पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से 130 गुम मोब

शाजापुर पुलिस की बड़ी सफलता, करीब ₹20 लाख कीमत की 130 गुम मोबाइल बरामद

Shajapur Police Recover 130 Missing Mobile Phones Worth Rs 20 Lakh

शाजापुर (मध्य प्रदेश)। जिले में पुलिस कप्तान प्रियंका शुक्ला के निर्देशन में गुमशुदा मोबाइल फोनों की तलाश और बरामदगी को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शाजापुर पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है। साइबर टीम और जिले के विभिन्न थानों के संयुक्त प्रयास से 'सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर' पोर्टल के माध्यम से कुल 130 गुमशुदा मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए गए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग ₹20 लाख बताई जा रही है।

20 लाख के मोबाइल वास्तविक स्वामियों को लौटाए, खिले चेहरे

वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस द्वारा सभी मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिए गए। लंबे समय से खोए हुए अपने महंगे मोबाइल फोन वापस पाकर नागरिकों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने शाजापुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई व तकनीकी दक्षता की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

तकनीकी डेटा के जरिए ट्रैक किए गए गुम मोबाइल, अलग-अलग जगहों से रिकवरी

पुलिस टीम द्वारा पोर्टल पर दर्ज शिकायतों और तकनीकी डेटा का गहन विश्लेषण कर गुमशुदा मोबाइलों की लोकेशन ट्रैक की गई। साइबर सेल एवं थाना प्रभारियों की टीम ने लगातार निगरानी रखते हुए अलग-अलग स्थानों से इन फोनों को सफलतापूर्वक रिकवर किया।

एसपी प्रियंका शुक्ला ने कहा- आमजन की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

मामले में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला ने बताया कि आमजन की सुविधा और सुरक्षा शाजापुर पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पोर्टल गुम मोबाइल ट्रेस करने में अत्यंत कारगर साबित हो रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी का भी मोबाइल गुम या चोरी होता है, तो बिना समय गंवाए तत्काल नजदीकी थाने और पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि पुलिस तकनीकी माध्यमों से त्वरित कार्रवाई कर सके।

साइबर ठगी से बचने की अपील, OTP और UPI पिन साझा न करें

इसके साथ ही शाजापुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि अपने मोबाइल फोन और उसमें मौजूद महत्वपूर्ण डिजिटल डेटा की सुरक्षा के प्रति सजग रहें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना OTP, UPI पिन, पासवर्ड या बैंक खाते की गोपनीय जानकारी साझा न करें तथा संदिग्ध लिंक, अनजान कॉल और मैसेज से सावधान रहें। 

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