बेटे के जिंदा होने की आस में पांच दिन तक शव के पास बाइबिल पढ़ती रही
विदिशा। हैरान कर देने वाली यह घटना विदिशा जिले की है। यहां 42 वर्षीय ईसाई युवक शीनू वर्गीस, जो पेशे से फैशन डिजाइनर था, उसकी अज्ञात कारणों से मौत हो गई थी। युवा बेटे की अचानक हुई मौत से माँ मरियमा वर्गीस गहरे सदमेमें चली गई। वह इस सच को स्वीकार नहीं कर सकी। उसे अपने भगवान पर गहरा विश्वास था कि ईश्वर के चमत्कार से उसका बेटा दोबारा जीवित हो जाएगा। इसी उम्मीद में वह पांच दिनों तक प्रार्थना करती रही।
बेटे के शव के सीने पर बाइबिल रख करती प्रार्थना
बेटे को दोबारा होश में लाने की उम्मीद में मां ने शव के सीने पर पवित्र बाइबिल रख दी। वह लगातार 5 दिनों तक शव के पास ही बैठी रही और बिना विचलित हुए लगातार बाइबिल का पाठ और प्रार्थना करती रही। इस दौरान उसने घर का दरवाजा अंदर से बंद रखा और किसी को भी घटना की भनक नहीं लगने दी।
बदबू और बहते खून से मामले का खुला राज
शव पांच दिनों से घर के अंदर ही पड़ा था, इसलिए धीरे-धीरे उसमें सड़न पैदा होने लगी। सड़ने से खून बहने लगा, जो धीरे-धीरे रिसते हुए मुख्य दरवाजे के नीचे से बाहर आ गया। इसी दौरान घर के आसपास भीषण असहज कर देने वाली तेज बदबू भी फैलने लगी। आसपास के लोगों ने जब दरवाजे के नीचे से खून बहता देखा और तीखी बदबू महसूस की, तो उन्हें किसी अनहोनी का शक हुआ। पड़ोसियों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी।
पुलिस पहुंची और शुरू की जांच
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जब घर का दरवाजा खोला गया, तो अंदर का नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया। कमरे में शीनू वर्गीस का पांच दिन पुराना शव पड़ा था और मां बगल में बैठकर प्रार्थना में लीन थी।पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के सही कारणों और सटीक समय का पता लगाया जा सके। पुलिस इस मामले में मां और अन्य करीबियों से पूछताछ कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।