श्योपुर। जिले में हाईवे पर मिली 2 साल की बच्ची के

श्योपुर में 2 साल की बच्ची को लावारिस छोड़ा, मानव तस्करी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश, 6 गिरफ्तार

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श्योपुर। जिले में हाईवे पर मिली 2 साल की बच्ची के मामले ने अब एक गंभीर मानव तस्करी (Human Trafficking) का रूप ले लिया है। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में यह एक सामान्य लावारिस बच्चे का मामला लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर यह 4 जिलों (इंदौर, धार, खरगोन और राजगढ़) में फैले एक सुनियोजित मानव तस्करी के नेटवर्क में बदल गया।

​जांच और खुलासा कैसे हुआ

​पुलिस ने मौके के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। इसमें एक कार (नंबर MP07 ZA 0067) संदिग्ध हालत में धीमी गति से चलती हुई दिखाई दी। फुटेज के आधार पर कार मालिक का पता लगाया गया, जो कि राजगढ़ का रहने वाला आकाश मूंदड़ा निकला। यहीं से इस पूरे रैकेट की कड़ियां जुड़नी शुरू हुईं।

​एसपी ने बनाई तीन विशेष टीमें

श्योपुर एसपी सुधीर अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 3 विशेष टीमें बनाईं। करीब 20 पुलिसकर्मियों ने 35 घंटे के लंबे ऑपरेशन के बाद इंदौर, धार और खरगोन में दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया।

​रैकेट का नेटवर्क और सौदा

​जांच में खुलासा हुआ कि बच्ची का सौदा 21 नवंबर 2024 को किया गया था, जब वह महज 6 दिन की थी।0 उस समय बच्ची को करीब 1 लाख रुपये में बेचा गया था।

​आरोपियों की संलिप्तता

​इंदौर के महलक्ष्मी नगर में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली नीता जैन और उसका पति वैभव जैन इस नेटवर्क में शामिल थे। ब्यूटी पार्लर की आड़ में यह पूरा रैकेट चलाया जा रहा था। इसमें धार जिले की एक क्लीनिक संचालिका ने बच्ची को खरगोन की एक महिला को सौंपने की जानकारी दी थी। इसके बाद इसे राजगढ़ के आकाश मूंदड़ा को बेचा गया।

कई हाथों से गुजरी बच्ची

मासूम बच्ची को कई हाथों से गुजारा गया था। पुलिस का कहना है कि अभी जांच जारी है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। मामले में पुलिस जांच जारी है।

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