इस्लामाबाद शिया मस्जिद धमाके के विरोध में बारामूला में प्रदर्शन, 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे
बारामूला (जम्मू और कश्मीर)। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद में हुए आत्मघाती बम हमले के खिलाफ बारामूला जिले के हंजीवेरा इलाके में स्थानीय शिया लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। मस्जिद में आत्मघाती बम हमले में शिया समुदाय के 31 लोगों मारे गए थे।
लोगों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए निकाला मार्च
प्रदर्शनकारियों ने हंजीवेरा इलाके में श्रीनगर-बारामूला नेशनल हाईवे पर "पाकिस्तान मुर्दाबाद" के नारे लगाते हुए मार्च किया। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि, "पाकिस्तान में यह हमला कोई नई बात नहीं है। यह पिछले 10-15 सालों से हो रहा है। हम इसकी निंदा करने के लिए यहां इकट्ठा हुए हैं। आप शिया समुदाय को खत्म करना चाहते हैं, लेकिन हम खत्म नहीं होंगे।" एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि "पाकिस्तान मुर्दाबाद" का नारा देश के निर्दोष आम लोगों के लिए नहीं है, बल्कि प्रशासन और सरकार के लिए है, जो पाकिस्तान की वित्तीय और सामाजिक स्थितियों को स्थिर करने में विफल रही है और इसके बजाय आतंकवाद में व्यस्त है।
पूरी दुनिया कर रही पाकिस्तान की निंदा
उन्होंने कहा, "आज हम इस जुलूस के लिए यहां इसलिए इकट्ठा हुए हैं क्योंकि हम यह समझ नहीं पा रहे हैं कि कोई मस्जिद में नमाज़ पढ़ते समय किसी व्यक्ति को कैसे मार सकता है। यह किस तरह की मानसिकता है जो किसी को मस्जिद में जाकर अपने शरीर पर बम फोड़ने और अपने बगल में खड़े लोगों का खून बहाने के लिए उकसाती है? यह किस तरह की मानसिकता, किस तरह की विचारधारा है जो उन्हें मस्जिद में जाकर बच्चों, महिलाओं और निर्दोष लोगों की हत्या करने के लिए उकसाती है? जब हम "पाकिस्तान मुर्दाबाद" का नारा लगाते हैं, तो हमारा मकसद पाकिस्तान के लोगों की निंदा करना नहीं होता है। यह नारा उनके प्रशासन, उनकी व्यवस्था और उनकी सरकार के लिए है, जो अतार्किक है, और जिनकी वित्तीय और सामाजिक स्थितियां गिर रही हैं। पूरी दुनिया ने उनकी निंदा की है, फिर भी वे आतंकवाद में लगे हुए हैं।"
इमामबाड़ा में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुआ था धमाका
गौरतलब है कि इस्लामाबाद में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान एक इमामबाड़ा में हुए आत्मघाती बम हमले में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई जबकि 169 घायल हो गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह विस्फोट तरलाई इलाके में इमामबाड़ा खदीजा-तुल-कुबरा में हुआ। इसमें आगे बताया गया कि इंटीरियर राज्य मंत्री, तलाल चौधरी ने इस्लामाबाद में मीडिया को बताया कि हमलावर अफगान नहीं था, लेकिन अधिकारी फोरेंसिक टेस्ट से यह पता लगा पाए हैं कि वह कितनी बार अफगानिस्तान गया था।
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