नाबालिग से कथित अभद्रता पर थाना प्रभारी और महिला आरक्षक निलंबित
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)। राजनांदगांव जिले के सोमनी थाना में नाबालिग लड़की के साथ कथित अभद्र व्यवहार और पुलिस की संवेदनहीनता का मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी और एक महिला प्रधान आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस व्यवस्था और थानों में संवेदनशील व्यवहार को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
संवेदना कक्ष में ही नाबालिग से अभद्रता
जानकारी के अनुसार 25 मई 2026 को एक नाबालिग बालिका को उसके परिवार के साथ रात के समय सोमनी थाना के संवेदना कक्ष में रखा गया था। आरोप है कि इस दौरान महिला प्रधान आरक्षक राजश्री सिंह द्वारा बालिका के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने इसे गंभीर लापरवाही और असंवेदनशीलता मानते हुए जांच के आधार पर कार्रवाई की।
निलंबन के सख्त आदेश, मुख्यालय छोड़ने पर रोक
पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेश के अनुसार तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार नामदेव जो वर्तमान में रक्षित केंद्र राजनांदगांव में पदस्थ हैं तथा महिला प्रधान आरक्षक राजश्री सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में दोनों का मुख्यालय रक्षित केंद्र राजनांदगांव निर्धारित किया गया है और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
मिलेगा सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान दोनों कर्मचारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को नाबालिगों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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