कचनारा पुलिस चौकी पर पदस्थ उपनिरीक्षक भीमसिंह राठौ

MP में कचनारा पुलिस चौकी के उपनिरीक्षक भीम सिंह राठौर को जारी किया गया शोकॉज नोटिस

Show Cause Notice Issued To SI Bhim Singh Rathore

मध्यप्रदेश: मंदसौर से पुलिस विभाग से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां कचनारा पुलिस चौकी पर पदस्थ उपनिरीक्षक भीमसिंह राठौर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में चौकी प्रभारी भाजपा नेता की जन्मदिन पार्टी में शामिल होकर गाना गाते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

कार्यक्रम के दौरान गाया गाना

दरअसल, बुधवार को संजीत क्षेत्र के ग्राम आक्या बीका में भाजपा नेता शरद जैन का जन्मदिन समारोह आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम में कचनारा पुलिस चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक भीमसिंह राठौर के पहुंचने की बात सामने आई है। कार्यक्रम के दौरान चौकी प्रभारी ने गाना भी गाया। वायरल वीडियो में वे भाजपा नेता को अपना यार बताते हुए 'तेरे जैसा यार' गीत गाते दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद उठ रहे सवाल

वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल पुलिस अधिकारी की मौजूदगी को लेकर खड़ा हुआ है। चौकी प्रभारी की जिम्मेदारी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था संभालने की होती है। ऐसे में ड्यूटी के दौरान निजी समारोह में उनकी मौजूदगी और वहां गाना गाने को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं।मामला वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा तो रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल ने इसे संज्ञान में लिया है।

उपनिरीक्षक भीम सिंह राठौर को जारी किया गया शोकॉज नोटिस

डीआईजी ने कहा है कि उपनिरीक्षक भीम सिंह राठौर को शोकॉज नोटिस जारी किया जाएगा और उनसे पूरे मामले में जवाब मांगा जाएगा। जवाब के आधार पर विभागीय स्तर पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।यानी अब वायरल वीडियो के आधार पर चौकी प्रभारी से यह पूछा जाएगा कि वे कार्यक्रम में किस अनुमति के तहत पहुंचे थे और उस दौरान उनकी ड्यूटी की क्या स्थिति थी। 

अलग-अलग पुलिस चौकियों में हुई पोस्टिंग को लेकर सामने आईं कई बातें

विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में उनकी जिम्मेदारी कितनी तय होती है। वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद उपनिरीक्षक भीमसिंह राठौर की जिले में लंबे समय से पदस्थापना को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पुलिस विभाग में एक ही जिले में लंबे समय तक पदस्थ रहने को लेकर नियम और स्थानांतरण नीति पहले भी चर्चा में रही है। ऐसे में अब राठौर की लंबे समय से जिले में पदस्थापना को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके साथ ही उनकी अलग-अलग पुलिस चौकियों में हुई पोस्टिंग को लेकर राजनीतिक सिफारिशों की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। 

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