पिछली सरकार के वक्त विपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता था : पश्चिम बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी
कोलकाता। नए स्पीकर रथींद्र नाथ बसु के अभिनंदन में पश्चिम बंगाल की विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सदन में कार्यवाही में सत्तापक्ष और विपक्ष को समान रुप से पचास-पचास फीसदी समय दिया जाएगा। उसे अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा। कार्यवाही का सीधा प्रसारण होगा। विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन होने की स्थिति में विधानसभा की सीटें बढे़ेंगी, इसलिए नए भवन का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछली सरकार के वक्त विपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता था, लेकिन उनकी सरकार में ऐसा नहीं होगा। विपक्ष को पूरा-पूरा बोलने का मौका मिलेगा। सरकार उनकी बात सुनेगी। विपक्षी जिन समस्याओं को सामने लाएगा, उसका समाधान किया जाएगा। साकारात्मक पहल होनी चाहिए। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सदन में कार्य के दिनों में कटौती नहीं की जाएगी।
कार्यवाही का सीधा प्रसारण हो : शुभेंदु अधिकारी
जिन लोगों ने विधानसभा के सदस्यों को चुनाव कर सदन में भेजा है। उनकी अपेक्षाएं है। उन्हें पूरा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सदन में क्या हो रहा है, लोगों को जानने का अधिकार है। कार्यवाही का सीधा प्रसारण हो, इसकी व्यवस्था की जाएगी। सरकार कार्यों में पारदर्शिता चाहती है। उन्होंने बताया कि वे चार बार 2006, 2016, 2021 और 2026 में चुन कर सदन में आए है। वे सदनों के नियमों और परंपराओं का पालन करने का अनुभव है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री या किसी भी मंत्री से कोई भी सदस्य, खासकर विपक्षी दल के सदस्य कभी भी मुलाकात कर सकते हैं और लोगों की समस्याओं के बारे में बात कर सकते है। उनके मुलाकात करने में कोई बाधा नहीं होगी। किसी भी सदस्य के पत्रों के जबाव तुरत दिया जाएगा। किसी भी सदस्य की उपेक्षा नहीं होगी, जैसा कि पहले होता था।
शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने नए स्पीकर का किया अभिवादन
मुख्यमंत्री या कोई भी मंत्री किसी भी क्षेत्र में जाएं तो उस क्षेत्र के प्रतिनिधि को जाने की जानकारी दे। विपक्षी दल के नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने नए स्पीकर का अभिवादन करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का ध्यान चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं-नेताओं पर हो रहे हमले और हो रही हिंसा की घटनाओं की ओर खिंचा। उन्होंने कहा कि काफी संख्या में कार्यकर्ताओं को घर छोड़ने के लिए बाध्य होना पड़ा है। हिंसा की घटनाओं को रोकना और तृणमूल कांग्रेस के पीड़ित कार्यकर्ताओं-नेताओं सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सत्तापक्ष के सदस्यों को रोका और कहा कि विपक्ष के नेता को बोलने में कोई बाधा नहीं देना चाहिए। समय पर उन्हें जबाब मिलेगा। उन्होंने शोभनदेव चट्टोपाध्याय से कहा कि वे तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं-नेताओं को सूची दें। घटना सच होने पर उनके क्षेत्र के भाजपा विधायक और पुलिस अधिकारी पीड़ित सदस्यों को उनके घर पहुंचाएंगे, लेकिन 2021 में चुनाव के बाद जिनके खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज है, उनका नाम सूची में नहीं होना चाहिए।
उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई होगी जैसा कि कलकत्ता हाई कोर्ट का आदेश है और जिस पर अमल नही हुआ है। आएसअफ के सदस्य नौशाद सिद्दकी और एजेयूपी के हुमायूं कबीर ने भी अपनी बात रखी।
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