हिमालयी जैव विविधता संरक्षण और जलवायु जागरूकता का

18 हजार फीट की ऊंचाई पर दौड़े सिक्किम के ‘मैजिकल थ्री’

Sikkim’s ‘Magical Three’ ran at an altitude of 18,000 feet

ज्योतिर्मठ (उत्तराखण्ड)। हिमालय की ऊंची चोटियों और दुर्गम दर्रों पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर निकले सिक्किम के तीन अल्ट्रा मैराथन धावकों ने शुक्रवार को 18 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित डूंगरी ला (माणा पास) दर्रे तक पहुंचकर ‘रन फॉर ग्रीन लेगेसी’ अभियान पूरा किया। रुद्रप्रयाग संगम से शुरू हुआ अभियान चमोली, ज्योतिर्मठ, बदरीनाथ और माणा होते हुए भारत-तिब्बत सीमा क्षेत्र के अंतिम पड़ाव घसतोली से डूंगरी ला तक पहुंचा। सिक्किम फॉरेस्ट से जुड़े वन अधिकारी व वनस्पति शास्त्री अनूप ज्योति बनिया के नेतृत्व में भूपेंद्र हंग सुब्बा और बसंत प्रधान ने इस अभियान में हिस्सा लिया। तीनों धावकों ने कठिन मौसम और दुर्गम पहाड़ी परिस्थितियों के बीच निर्धारित माइल स्टोन तक पहुंचकर अभियान को अंजाम दिया।

दौड़ के साथ पर्यावरण का संदेश

टीम लीडर अनूप ज्योति बनिया ने ज्योतिर्मठ स्थित नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क गेस्ट हाउस में अभियान के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि माणा पास का प्राकृतिक आकर्षण अलग ही अनुभूति देता है। टीम का उद्देश्य केवल दौड़ पूरी करना नहीं, बल्कि देश के विभिन्न उच्च हिमालयी दर्रों तक पहुंचकर जैव विविधता संरक्षण, पौधरोपण और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता का संदेश देना है। उन्होंने बताया कि टीम अलग-अलग मौसम में देश के 10 हाई एल्टीट्यूड कॉरिडोर और दर्रों को ‘ग्रीन रन’ के तहत पार करने की योजना पर काम कर रही है। इनमें उमलिंग ला, खारदुंग ला और डोंगखा ला के साथ अब डूंगरी ला भी शामिल हो गया है।

सीमा पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

एडवेंचर टूर ऑपरेटर एसोसिएशन एंड वेलफेयर सोसाइटी चमोली के अध्यक्ष विवेक पंवार ने कहा कि इस तरह के अभियान सीमांत क्षेत्रों में साहसिक और सीमा पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने सिक्किम के तीनों धावकों को अभियान की सफलता पर शुभकामनाएं दीं।

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