सिंगरौली में बारिश का कहर, 400 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त, 3 लोगों की हुई मौत
सिंगरौली: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में पिछले पांच दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश ने भारी तबाही मचाई है। नदियों और नालों में आए उफान के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। जिलेभर में 400 से अधिक कच्चे मकानों को आंशिक या पूर्ण रूप से नुकसान पहुंचा है। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का आकलन करने के लिए सर्वे कराया जा रहा है।
इस क्षेत्र में 194 से अधिक मकान हुए क्षतिग्रस्त
बरसात के कारण चितरंगी क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां 194 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा माड़ा तहसील में 89, बैढ़न शहरी क्षेत्र में 70, सरई में 30 और बरगवां में 22 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा है। खटकरी और बरौहा को जोड़ने वाले मार्ग पर बना पुल तेज बहाव में बह गया है, जिससे दोनों गांवों का संपर्क टूट गया है और बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
माझौली और चांचर में भी रास्तों पर पानी भरने से यातायात हुआ बाधित
रास्ते बंद होने के बाद प्रशासन जेसीबी व अन्य संसाधनों की मदद से रास्ते को बहाल करने के प्रयास में लगा हुआ है। माझौली और चांचर में भी रास्तों पर पानी भरने से यातायात बाधित हुआ है। नौगढ़ और आसपास के इलाकों में घरों में पानी भरने के कारण रेस्क्यू किए गए 25 से अधिक लोगों को देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम के कार्यालय में बने राहत कैंप में रखा गया है। जिला प्रशासन द्वारा इनके भोजन और रहने की व्यवस्था की जा रही है।
आकाशीय बिजली गिरने से 3 लोगों की हुई मौत
पिछले पांच दिनों के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आने से अलग-अलग स्थानों पर 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 लोग नदी के तेज बहाव में बह गए हैं। कलेक्टर गौरव बैनल ने बताया कि प्रभावित इलाकों में मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। सभी पटवारियों को अपने क्षेत्रों में नजर बनाए रखने और त्वरित सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रभावितों को नियमनुसार राहत राशि प्रदान की जाएगी।
ये भी पढ़ें- मानसून में उत्तराखंड की इन 7 जगहों पर घूमने का बनाएं प्लान, हरियाली और बादलों के बीच यादगार होगा सफर