सिंगरौली के कसर रेलवे ओवरब्रिज के नीचे बारिश से कर

सिंगरौली में विकास कार्य बना मुसीबत, बारिश में तालाब बना रेलवे अंडरब्रिज; लोगों की जान जोखिम में

Railway Underbridge Turns Into Pond Due to Rainwater Logging

सिंगरौली {मध्यप्रदेश}: बरगवां थाना क्षेत्र के कसर रेलवे ओवरब्रिज के नीचे की स्थिति इन दिनों बेहद भयावह हो चुकी है। रेलवे की लचर कार्यप्रणाली और प्रशासनिक उदासीनता के कारण यहां का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। बारिश शुरू होते ही अंडरब्रिज लगभग 3 फीट पानी से भर गया है, जिससे लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग और रेलवे प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

विकास कार्य बना लोगों के लिए परेशानी

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाला निर्माण के नाम पर ठेकेदार ने मुख्य सड़क खोदकर छोड़ दी है। करीब 200 मीटर लंबी नाली का निर्माण कार्य पिछले तीन महीने से धीमी गति से चल रहा है और अब तक पूरा नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि जब समय पर काम पूरा नहीं किया जा सकता था, तो सड़क खोदने की जरूरत ही क्या थी। अधूरी सड़क और जलभराव ने आम लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं।

जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर लोग

ब्रिज के नीचे भरे पानी के कारण यहां से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। स्कूली बच्चे, मरीज, मजदूर और स्थानीय व्यापारी रोजाना इस समस्या का सामना कर रहे हैं। जलभराव की वजह से व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। वहीं, लोगों को ओवरलोड वाहनों के सहारे पानी पार करना पड़ रहा है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस बदहाल स्थिति का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में लोग पानी से लबालब भरे अंडरब्रिज से गुजरते दिखाई दे रहे हैं और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

प्रशासन और रेलवे से कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि नाली निर्माण कार्य को तत्काल पूरा कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। साथ ही इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय जनता का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान करता है या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा।

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