नई दिल्ली के खान मार्केट में मतदाता सूची के विशेष

SIR के विरोध प्रदर्शनों से खान मार्केट का कारोबार ठप, व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार

SIR Protests Hit Khan Market Businesses, Traders Appeal to Supreme Court

नई दिल्ली: नई दिल्ली के खान मार्केट में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में जारी प्रदर्शनों का असर कारोबार पर पड़ने का दावा किया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस बैरिकेडिंग और रास्तों पर प्रतिबंध के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इससे उनकी आजीविका पर असर पड़ रहा है। व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप करने और विरोध प्रदर्शन स्थलों को दिल्ली की सीमा पर स्थानांतरित करने की मांग की है। खान मार्केट व्यापारी संघ के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने एएनआई से बातचीत में कहा कि पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शनों के कारण बाजार का कारोबार प्रभावित हो रहा है। उनके मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की है, जो बाजार से करीब 1 किलोमीटर पहले शुरू होती है। इससे ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। मेहरा ने दावा किया कि बाजार खुला होने के बावजूद ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं और कारोबार घटकर सामान्य स्तर के मुकाबले केवल 10 से 20 प्रतिशत रह गया है।

त्योहारी सीजन में भी ग्राहक नदारद

संजीव मेहरा ने कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान भी बाजार में ग्राहकों की संख्या में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि लोगों के मन में रास्तों पर रोक और संभावित हिंसा को लेकर डर है, जिसके कारण वे बाजार आने से बच रहे हैं। व्यापारियों के मुताबिक, त्योहारों के समय कारोबार में तेजी आने की उम्मीद रहती है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में बिक्री प्रभावित हो रही है। मेहरा ने कहा कि व्यापारियों को लोगों के विरोध प्रदर्शन करने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसके कारण उनके व्यवसाय और आजीविका पर असर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह लोगों को विरोध करने का अधिकार है, उसी तरह व्यापारियों को भी अपना व्यवसाय चलाने और आजीविका कमाने का अधिकार है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से ऐसी जगह विरोध करने की अपील की, जहां बाजार और आम लोगों की आवाजाही बाधित न हो।

SIR को लेकर विपक्ष के दावों पर सवाल

खान मार्केट व्यापारी संघ के अध्यक्ष ने SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने दावों के समर्थन में सबूत पेश करने चाहिए। मेहरा ने मतदाता सूची में नाम शामिल कराने और गड़बड़ियों को ठीक करने की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि जिन नागरिकों के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं, उन्हें भी आवेदन करने का अवसर दिया जाता है। उन्होंने विपक्ष के उस दावे को भी गलत बताया, जिसमें करीब 13 करोड़ वोट रद्द किए जाने की बात कही जा रही है। मेहरा का आरोप है कि ऐसे दावों और प्रदर्शनों के कारण बाजार के कारोबार को नुकसान हो रहा है।

सुप्रीम कोर्ट से प्रदर्शन स्थल बदलने की अपील

संजीव मेहरा ने सुप्रीम कोर्ट से मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। उन्होंने मांग की कि जंतर-मंतर और नई दिल्ली जैसे क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शनों के बजाय प्रदर्शन स्थल दिल्ली की सीमा पर निर्धारित किए जाएं, ताकि कारोबार और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होने चाहिए और इससे दूसरे लोगों के कामकाज में बाधा नहीं आनी चाहिए।

बार-बार प्रदर्शनों से व्यापार प्रभावित: बृजगोपाल खोसला

खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजगोपाल खोसला ने भी प्रदर्शनों के कारण कारोबार प्रभावित होने की बात कही। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले प्रदर्शनों के दौरान बाजार के रास्ते बंद हो जाते हैं, जिससे ग्राहक बाजार आने से बचते हैं और कारोबार ठप हो जाता है। खोसला ने प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के साथ कथित दुर्व्यवहार और अव्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से प्रदर्शन स्थलों को दिल्ली की सीमा पर स्थानांतरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विरोध करने वालों को उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए, ताकि व्यापारियों और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो।

SIR पर विपक्ष और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव

सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में SIR को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं और सहयोगियों ने विपक्ष पर निशाना साधा, जबकि इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। यह याचिका मध्य दिल्ली से सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए 'लोकतंत्र मार्च' के बाद दाखिल की गई। संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका में विवाद से जुड़े मुद्दों के निपटारे तक देशभर में चल रही SIR प्रक्रिया को निलंबित करने की मांग की गई है।

स्वतंत्र समिति गठित करने की भी मांग

याचिका में मतदाता सूचियों और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) से संबंधित तकनीकी प्रणालियों की समीक्षा करने तथा SIR प्रक्रिया के क्रियान्वयन की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग भी की गई है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने का अनुरोध किया गया है। इंडिया ब्लॉक के विरोध मार्च के बाद भाजपा नेताओं ने विपक्ष की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शनों से राष्ट्रीय राजधानी में अव्यवस्था पैदा हुई। इस बीच, खान मार्केट के व्यापारियों ने कारोबार और आजीविका पर पड़ रहे कथित असर को देखते हुए प्रदर्शन स्थलों को दिल्ली की सीमा पर स्थानांतरित करने की मांग दोहराई है।

(एएनआई)

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