वाराणसी टीचर्स सीट पर SP की जीत के बाद अखिलेश का आरोप, बोले- 'PDA के पहरेदार सतर्क हैं'
लखनऊ (उत्तर प्रदेश): समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधान परिषद चुनाव में वाराणसी टीचर्स सीट पर पार्टी की जीत के बाद वोटों की दोबारा गिनती और सत्यापन को लेकर प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ऐसी कोशिशों से कुछ हासिल नहीं होगा, क्योंकि 'PDA के पहरेदार सतर्क हैं'। सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट में यादव ने PDA समुदाय के लोगों से चुनाव परिणामों की आधिकारिक पुष्टि होने तक मतगणना प्रक्रिया पर नजर बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, “जीत का सबूत मिलने तक आराम नहीं।”
अखिलेश ने प्रशासन की कार्रवाई पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि वाराणसी प्रशासन वोटों की दोबारा गिनती या सत्यापन के जरिए नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ता, नेता, निष्पक्ष चुनाव के समर्थक युवा और लोकतंत्र के शुभचिंतक आसपास के शहरों से बड़ी संख्या में मतगणना केंद्र पहुंच रहे हैं। यादव ने कहा, “वोटों की दोबारा गिनती या दोबारा सत्यापन करके भी वाराणसी प्रशासन कुछ हासिल नहीं कर पाएगा, क्योंकि PDA के पहरेदार चौकन्ने हैं। हमारे दूसरे कार्यकर्ता, नेता, निष्पक्ष चुनाव चाहने वाले युवा और लोकतंत्र के शुभचिंतक हजारों की संख्या में मतगणना केंद्र की ओर बढ़ रहे हैं। वे अपने साथियों के लिए खाना और पानी ला रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अन्याय इतना नहीं होना चाहिए कि लोग नैतिकता की सीमाएं पार करने पर मजबूर हो जाएं। साथ ही, उन्होंने PDA समर्थकों से मतगणना पर नजर बनाए रखने की अपील दोहराई।
MLC चुनाव में BJP और SP ने जीतीं कई सीटें
उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के नतीजों में BJP और समाजवादी पार्टी ने अलग-अलग सीटों पर जीत दर्ज की। BJP उम्मीदवार हरि सिंह ढिल्लों ने बरेली-मुरादाबाद सीट बरकरार रखी। पार्टी के दिनेश कुमार गोयल ने मेरठ टीचर्स सीट और चांद शर्मा ने मेरठ ग्रेजुएट्स सीट पर जीत हासिल की। BJP ने लखनऊ टीचर्स सीट भी अपने नाम की। वहीं, समाजवादी पार्टी ने वाराणसी टीचर्स, इलाहाबाद-झांसी ग्रेजुएट्स और आगरा-अलीगढ़ टीचर्स सीटों पर जीत दर्ज की। SP नेता कांति सिंह ने BJP उम्मीदवार अवनीश कुमार सिंह को हराकर लखनऊ ग्रेजुएट्स सीट भी जीत ली।
अखिलेश ने BJP के राजनीतिक पतन का किया दावा
चुनाव परिणामों के बाद अखिलेश यादव ने दावा किया कि ये नतीजे उत्तर प्रदेश में BJP के राजनीतिक पतन की शुरुआत हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी PDA गठबंधन ने सत्ताधारी पार्टी को झटका दिया है। PDA का अर्थ पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों से है। यादव ने BJP के पतन को तय बताते हुए कहा कि राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों को जनता के सामने जवाब देना होगा। उन्होंने X पर लिखा, “MLC चुनावों ने BJP का बोरिया-बिस्तर बांध दिया है। बहुत ज्यादा बेईमानी और प्रशासनिक छेड़छाड़ के बावजूद कोई भी BJP की गिरावट को नहीं रोक सका। PDA सरकार के सत्ता में आने के बाद BJP की सेवा करने वाले सभी भ्रष्ट अधिकारियों को जनता की अदालत में पेश किया जाएगा।” उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हुए विधान परिषद चुनावों को BJP और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक मुकाबले के तौर पर देखा जा रहा है। दोनों दलों के नेताओं ने नतीजों के बाद अपनी-अपनी जीत और राजनीतिक स्थिति को लेकर बयान दिए हैं।
(ANI)
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