उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा

यूपी में 17 और 24 अक्टूबर को लगेंगे विशेष शिविर, मतदाता सूची से गायब नामों की होगी जांच

Special Camps in UP on Oct 17 and 24 to Check Missing Voter Names

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने उन राज्यों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, जहां मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पूरा हो चुका है। इस अभियान के तहत उन मतदाताओं के नामों की जांच की जाएगी, जिनके नाम पिछली मतदाता सूची में दर्ज थे, लेकिन बाद की सूची में नहीं मिले। बुधवार को एएनआई से बातचीत में नवदीप रिनवा ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने ऐसे मतदाताओं के नामों का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। यदि किसी व्यक्ति का नाम पिछली मतदाता सूची में था, लेकिन वर्तमान सूची में नहीं है, तो वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकता है। रिनवा ने कहा कि इस विशेष अभियान के तहत 17 अक्टूबर और 24 अक्टूबर को शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य मतदाताओं को अपने नाम की जांच कराने और फॉर्म-6 जमा करने की सुविधा देना है।

सपा के तीन बागी विधायक भाजपा में शामिल

इस बीच, 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के तीन बागी विधायक बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। इनमें राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी के नाम शामिल हैं। तीनों विधायकों ने अमेठी में उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

स्मृति ईरानी ने किया स्वागत, भाजपा की जीत का जताया भरोसा

भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने तीनों नेताओं का पार्टी में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनके शामिल होने से गौरीगंज में उत्सव का माहौल बन गया है। ईरानी ने आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि तीनों नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन में योगदान देने के उद्देश्य से भाजपा में शामिल हुए हैं। ईरानी के मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा एक बार फिर जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा और पार्टी कार्यकर्ताओं का संकल्प इस जीत का आधार है।

राहुल गांधी पर भी साधा निशाना

स्मृति ईरानी ने चुनाव आयोग की आलोचना करने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के चुनावी रिकॉर्ड पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि वह चुनाव आयोग की छवि खराब करने के लिए कई राजनीतिक दलों का समर्थन मांग रहे हैं। ईरानी ने कहा कि अमेठी के लोग जानते हैं कि राहुल गांधी अपने दम पर चुनाव लड़ने में असमर्थ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता अपने निर्वाचन क्षेत्र से स्वतंत्र रूप से चुनाव नहीं लड़ सकता, वह अब राष्ट्रीय राजधानी में 14 राजनीतिक दलों का समर्थन मांगकर भारतीय लोकतंत्र और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है।

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