​खंडवा। जिले के छैगांव माखन ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सु

आवारा कुत्तों ने मासूम को 50 मीटर दूर खेत तक घसीटा तो हुआ गंभीर, इंदौर में प्लास्टिक सर्जरी

आवारा कुत्तों ने मासूम को 50 मीटर दूर खेत तक घसीटा तो हुआ गंभीर, इंदौर में प्लास्टिक सर्जरी

खंडवा। जिले के छैगांव माखन ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सुरगांव जोशी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 14 मई को एक 6 वर्षीय मासूम बच्चे पर 5-6 आवारा कुत्तों के झुंड ने जानलेवा हमला कर दिया। कुत्ते बच्चे को अपने जबड़ों में दबोचकर करीब 50 मीटर दूर खेत तक घसीटते हुए ले गए और उसे बेरहमी से नोच डाला। कुत्तों ने मासूम के सिर की चमड़ी और बाल तक उखाड़ दिए।

​बुआ के घर आया था मासूम

​घायल बच्चे की पहचान 6 वर्षीय अवि पटेल के रूप में हुई है, जो चिचगोहन की सरपंच आरती पटेल और अनिल पटेल का बेटा है। अवि अपने बुआ के घर सुरगांव जोशी आया हुआ था। घटना के दिन दोपहर करीब 1 बजे वह घर से कुछ दूरी पर शौच के लिए निकला था। इसी दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर आदमखोरों की तरह हमला कर दिया।

दर्द से चीख रहा था तब ​बुजुर्ग ने बचाई जान

​जब कुत्ते मासूम को नोच रहे थे, तब वह दर्द से चीखता रहा। बच्चे की आवाज सुनकर गांव के एक बुजुर्ग वहां पहुंचे। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए कुत्तों पर पत्थरों से हमला किया और उन्हें खदेड़ा, जिससे बच्चे की जान बच सकी।

​इंदौर में हुई प्लास्टिक सर्जरी, इलाज में लाखों खर्च

घटना के तुरंत बाद गंभीर रूप से घायल बच्चे को खंडवा के अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत इंदौर रेफर कर दिया। बच्चा काफी कमजोर था, जिसके कारण डॉक्टरों को उसकी सर्जरी करने के लिए तीन दिन का इंतजार करना पड़ा। ​शनिवार को इंदौर के एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्चे के सिर की प्लास्टिक सर्जरी की।

अमेरिका से मंगवानी पड़ी कुछ सामग्री

​बच्चे के पिता के अनुसार, सर्जरी के लिए कुछ जरूरी सामग्री अमेरिका से भी मंगवानी पड़ी और अब तक इलाज में लगभग 4 लाख रुपये से अधिक का खर्च आ चुका है।

​ग्रामीणों में फैला गुस्सा, सख्त कार्रवाई की मांग

इस वीभत्स घटना के बाद से सुरगांव जोशी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। आए दिन ये कुत्ते बच्चों और मवेशियों को अपना शिकार बना रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। परिजनों और ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम पंचायतों को ऐसे अधिकार दिए जाएं जिससे आवारा कुत्तों पर लगाम कसी जा सके।

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