जबलपुर के सरकारी अस्पतालों में बच्चों को दी जाने व

बच्चों को पिला दी गई 10 हजार 'अमानक' पैरासिटामोल सिरप, सवालों के घेरे में स्वास्थ्य विभाग

Substandard Paracetamol Given to Children, Health System Under Fire

जबलपुर (एमपी)। शहर से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी और हैरान कर देने वाली लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ सरकारी अस्पतालों में बच्चों को दी जाने वाली पैरासिटामोल सिरप का एक बैच 'अमानक' (Substandard) पाया गया है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल प्रशासन और संबंधित विभाग के सुस्त रवैये के कारण 10 हजार से अधिक बोतल सिरप बच्चों को पिलाई जा चुकी है।

यह है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, यह मामला सरकारी अस्पताल में बच्चों के इलाज के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली 'पैरासिटामोल पीडियाट्रिक ओरल सस्पेंशन आईपी 125एमजी-5एमएल' (Paracetamol Pediatric Oral Suspension IP 125mg-5ml) से जुड़ा है। जांच रिपोर्ट में इस दवा के एक विशिष्ट बैच को 'अमानक' घोषित किया गया।

रिपोर्ट आने तक विभाग बेखबर

रिपोर्ट आने तक संबंधित विभाग और अस्पताल प्रबंधन पूरी तरह बेखबर रहे। इसके चलते करीब 10,000 बोतलों का वितरण बच्चों को इलाज के दौरान किया जा चुका था। जब लैब से दवा के अमानक होने की रिपोर्ट आई, तब कहीं जाकर विभाग की नींद खुली और बची हुई दवाओं के वितरण पर रोक लगाई गई।

स्वास्थ्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल

यह घटना चिकित्सा प्रणाली में 'क्वालिटी कंट्रोल' (गुणवत्ता नियंत्रण) की कमी को उजागर करती है। सवाल यह उठ रहा है कि दवा की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट आने से पहले ही उसे बच्चों को कैसे वितरित कर दिया गया? अमानक दवा का सेवन बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। यह मामला न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है, बल्कि बच्चों की जान के साथ हुए खिलवाड़ की ओर भी इशारा करता है।

बाकी दवा को कर दिया गया सील, अधिकारी चुप्प

इस बड़ी चूक के बाद अब स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल, बाकी बची हुई दवाओं के स्टॉक को सीज कर दिया गया है और मामले की जांच की बात कही जा रही है। वहीं, अभिभावकों के बीच इस लापरवाही को लेकर भारी रोष व्याप्त है।

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