नई दिल्ली। देश में विभिन्न राज्यों, खासकर महाराष्ट

मौसम की मार से चीनी उत्पादन में आ सकती है 4.4% की कमी

मौसम की मार से चीनी उत्पादन में आ सकती है 4.4% की कमी

नई दिल्ली। देश में विभिन्न राज्यों, खासकर महाराष्ट्र में अत्यधिक बारिश और जलभराव के कारण इस वर्ष गन्ने की पैदावार में आयी कमी से चीनी उत्पादन में 4.4 फीसदी की कमी आ सकती है। अखिल भारतीय चीनी व्यापार संघ (एआईएसटीए) ने यह जानकारी दी।

एआईएसटीए ने पहले 29.6 मिलियन टन उत्पादन की उम्मीद जताई थी, लेकिन अब एआईएसटीए ने गन्ने की पैदावार में कमी को देखते हुए भारत के चीनी उत्पादन का अनुमान घटाकर 28.3 मिलियन टन कर दिया है।

एआईएसटीए ने बताया कि अक्टूबर में लगातार बारिश और लंबे समय तक बादल छाए रहने से गन्ने की वृद्धि बाधित हुई, जिससे उपज में कमी आई। साथ ही पेराई सत्र में गन्ने की कम उपलब्धता के कारण, कई शुगर मिलें सामान्य से 15 दिन से एक महीने पहले बंद हो सकती हैं। गन्ने की पैदावार में आयी कमी के कारण देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में प्रतिकूल मौसम के कारण सत्र 2025-26 में चीनी उत्पादन 4.4 फीसदी घटकर 2.83 करोड़ टन रह सकता है।

इस दौरान कुल चीनी उत्पादन 31.5 मिलियन टन होने की उम्मीद है, जिसमें से 3.2 मिलियन टन को इथेनॉल उत्पादन के लिए डायवर्ट किए जाने की संभावना है। हालांकि उत्पादन अनुमान में कमी के बावजूद यह पिछले साल (2024-25) के 2.62 करोड़ टन के मुकाबले अब भी काफी बेहतर है।

उद्योग निकाय की फसल समिति ने कहा, इस सत्र में महाराष्ट्र और कर्नाटक में असाधारण जलवायु चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जहां लगातार बारिश एवं लंबे समय तक बादल छाए रहने के कारण गन्ने की वृद्धि के महत्वपूर्ण चरणों में बाधा आई। अक्तूबर में अत्यधिक बारिश से महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में भारी जलभराव हुआ, खेतों में काम रुक गया और फसल पर दबाव पड़ा।

एआईएसटीए ने शीर्ष चीनी उत्पादक राज्य महाराष्ट्र के उत्पादन अनुमान को 1.08 करोड़ टन से घटाकर 99.7 लाख टन कर दिया गया है। हालांकि, यह 2024-25 के 81 लाख टन से अधिक बना हुआ है। 

दूसरे बड़े उत्पादक उत्तर प्रदेश के लिए अनुमान 94.1 लाख टन से घटाकर 91 लाख टन कर दिया गया है। कर्नाटक के लिए अनुमान को 49.1 लाख टन से घटाकर 48 लाख टन किया गया है जो पिछले सीजन में दर्ज किए गए 9.3 मिलियन टन से थोड़ा कम है। एआईएसटीए ने बताया कि गुड़ बनाने वाली इकाइयों से गन्ने की मजबूत मांग के कारण मिलों को गन्ने की आपूर्ति कम हो गई।

कर्नाटक के उत्पादन का अनुमान 4.91 मिलियन टन से घटाकर 4.8 मिलियन टन कर दिया गया, लेकिन यह 2024-25 में हासिल किए गए 4.3 मिलियन टन से अधिक रहा। एआईएसटीए ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में चीनी की वसूली में लगभग आधा प्रतिशत अंक का सुधार हुआ है, लेकिन पैदावार चिंता का विषय बनी हुई है।

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