क्रांतिधरा मेरठ में पहली बार हुआ एयर शो: सूर्यकिरण टीम के नौ हॉक जेट्स की कलाबाजियों ने किया रोमांचित
मेरठ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सेवा संकल्प अभियान के तहत पहली बार ऐतिहासिक एयर शो का आयोजन किया गया। मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम ने अपने कलाबाजी कौशल से आसमान में अनूठा नजारा पेश किया। हिंडन एयरबेस से उड़ान भरकर नौ हॉक जेट विमानों ने सुबह करीब 10 बजकर 25 मिनट पर मेरठ के आसमान में प्रवेश किया। जैसे ही विमानों ने गर्जना के साथ आसमान में कलाबाजियां शुरू कीं, मैदान में मौजूद हजारों दर्शकों की निगाहें ऊपर टिक गईं और पूरा माहौल वंदेमातरम के उद्घोष से गूंज उठा।
पलक झपकते बदलते फॉर्मेशन और आसमान में बिखरा तिरंगा
सूर्यकिरण के विमानों ने बेहद सटीक और रोमांचक तालमेल का प्रदर्शन किया। नौ विमानों ने वी-आकार की उड़ान से लेकर लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और डीएनए मैन्यूवर जैसे करतब दिखाए। मात्र 100 से 150 फीट की ऊंचाई पर विमानों की उड़ान देखकर दर्शक सांस थामे नजर आए। इस दौरान विमानों के पीछे छोड़े गए स्मोक पॉड्स से केसरिया, सफेद और हरे रंग की लकीरें उभरीं, जिससे पूरा आसमान तिरंगे के रंगों में रंग गया। इस शानदार प्रदर्शन को देखने के लिए सुबह से ही बच्चों, युवाओं, एनसीसी कैडेट्स और बड़ी संख्या में शहर के नागरिकों का पहुंचना शुरू हो गया था।
मेरठ के तीन जांबाजों ने बढ़ाया मान, बच्चों में दिखा भारी उत्साह
इस एयर शो का मेरठ शहर से गहरा नाता भी रहा, क्योंकि सूर्यकिरण टीम में शामिल तीन स्क्वाड्रन लीडर इसी शहर से ताल्लुक रखते हैं। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और राहुल सिंह ने आसमान में हॉक जेट उड़ाए, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से पूरे प्रबंधन की कमान संभाली। अपने शहर के युवाओं को इस गौरवशाली पद पर देखकर स्थानीय लोगों का उत्साह और बढ़ गया। स्कूली छात्र-छात्राओं में हर पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने की होड़ मची रही। छात्रों ने कहा कि इस आयोजन ने उन्हें वायुसेना की ताकत और देशप्रेम से गहराई से जोड़ा है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और अस्थायी नो-फ्लाइंग जोन घोषित
कार्यक्रम में भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने यातायात, पार्किंग और पेयजल जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित कीं। सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए मोहिउद्दीनपुर के आसपास करीब 10 नॉटिकल मील यानी 18.5 किलोमीटर के दायरे को 21 सितंबर तक के लिए अस्थायी रूप से रेड और नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में ड्रोन, हॉट एयर बैलून और अन्य मानवरहित विमानों के उड़ानों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इस दौरान राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह और सीडीओ नुपूर गोयल सहित कई प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
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