अब सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कार्यरत शि

सरकारी शिक्षकों को दो साल में TET पास करना अनिवार्य, नहीं तो छोड़नी पड़ेगी नौकरी

TET Mandatory for Govt Teachers, 2-Year Deadline to Secure Jobs

जबलपुर। अब सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को भी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना अनिवार्य होगा। यदि शिक्षक निर्धारित समय सीमा के भीतर यह परीक्षा पास नहीं करते हैं तो उनकी नौकरी पर संकट आ सकता है।

उत्तर लिखवाए जाएंगे, कॉपी भी जांची जाएगी

लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत ऐसे शिक्षक, जो अब तक टीईटी पास नहीं कर पाए हैं, उन्हें निर्धारित अवधि के भीतर परीक्षा देना और पास करना होगा। परीक्षा में उनसे प्रश्नों के उत्तर लिखवाए जाएंगे और उनकी कॉपियां भी जांची जाएंगी, जिसके आधार पर उन्हें अंक दिए जाएंगे।

5 साल से अधिक सेवावधि है, उन्हें अनिवार्य

आदेश में कहा गया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू होने से पहले नियुक्त हुए ऐसे शिक्षक, जिनकी सेवा निवृत्ति में अभी 5 वर्ष से अधिक समय बाकी है, उन्हें दो साल के भीतर टीईटी पास करना अनिवार्य होगा। यदि वे इस अवधि में परीक्षा पास नहीं करते हैं तो उन्हें सेवा छोड़नी पड़ सकती है या अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है। इस निर्देश के बाद शिक्षकों में हलचल बढ़ गई है। कई शिक्षक परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं, क्योंकि टीईटी पास करना अब उनकी नौकरी के लिए जरूरी हो गया है।

प्राइवेट स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया 9 मार्च से

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया 9 मार्च से शुरू होगी। इसके तहत नर्सरी, केजी-वन, केजी-टू और कक्षा पहली में प्रवेश के लिए सीटों की जानकारी जारी की जाएगी। अभिभावक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के बाद 14 से 30 मार्च तक दस्तावेजों की जांच की जाएगी और अप्रैल में राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल द्वारा लॉटरी के माध्यम से बच्चों का चयन किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/mp-announces-40-wheat-msp-bonus/147766

गेहूं की MSP पर ₹40 प्रति क्विंटल बोनस देगी मध्यप्रदेश सरकार