तमिलनाडु में सत्ता वापसी का दावा, बोले एम थंबीदुरई- ‘मेरे नेता और मेरी पार्टी फिर लौटेगी’
चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में चुनाव नतीजों के बाद जारी हलचल के बीच एआईएडीएमके के राज्यसभा सांसद एम. थंबीदुरई ने भरोसा जताया है कि उनकी पार्टी एक बार फिर सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी कई स्तरों पर बातचीत कर रही है और आने वाले समय में सकारात्मक नतीजे सामने आ सकते हैं।
“जनता चाहती है एआईएडीएमके की वापसी”
पत्रकारों से बातचीत करते हुए थंबीदुरई ने कहा कि फिलहाल कई तरह की चर्चाएं जारी हैं, इसलिए अभी ज्यादा कुछ कहना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जनता की भावना एआईएडीएमके के पक्ष में है और लोग चाहते हैं कि पार्टी दोबारा सत्ता संभाले। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा, “मेरी पार्टी और मेरे नेता फिर वापस आएंगे। ईश्वर की कृपा से समय के साथ ऐसा संभव होगा।”
त्रिशंकु विधानसभा में बढ़ी एआईएडीएमके की अहमियत
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके 47 सीटों के साथ तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं विजय की तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) ने 108 सीटें जीतीं और डीएमके को 57 सीटें मिलीं। हालांकि किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, जिसके चलते अब गठबंधन की राजनीति तेज हो गई है। राज्य की 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है। ऐसे में एआईएडीएमके की सीटें सत्ता गठन की दिशा में काफी अहम मानी जा रही हैं।
कांग्रेस के साथ टीवीके का गठबंधन
विजय की पार्टी टीवीके ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लिया है। कांग्रेस को चुनाव में पांच सीटें मिली हैं, जिससे गठबंधन का आंकड़ा 112 तक पहुंच गया है। इसके बावजूद सरकार बनाने के लिए गठबंधन को अभी भी छह सीटों की जरूरत बनी हुई है। बताया जा रहा है कि टीवीके अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों से भी संपर्क में है ताकि बहुमत का आंकड़ा हासिल किया जा सके।
वाम दलों की बैठकों पर टिकी नजर
इस बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने अलग-अलग बैठकें बुलाकर आगे की रणनीति पर चर्चा शुरू कर दी है। दोनों दलों के पास दो-दो विधायक हैं और उनका समर्थन सरकार गठन में निर्णायक साबित हो सकता है। सीपीआई (एम) नेता पी. शनमुगम ने बताया कि टीवीके प्रमुख विजय ने उनकी पार्टी को समर्थन के लिए पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि पार्टी की राज्य समिति की बैठक में इस मुद्दे पर फैसला लिया जाएगा। शनमुगम ने कहा कि मौजूदा स्थिति में राज्यपाल को सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए। उन्होंने इसे तमिलनाडु की राजनीति में अभूतपूर्व स्थिति बताया।
वीसीके भी करेगी अहम बैठक
विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) ने भी अपनी उच्च स्तरीय समिति की बैठक बुलाई है। डीएमके गठबंधन का हिस्सा रही वीसीके ने चुनाव में दो सीटें जीती हैं। माना जा रहा है कि पार्टी भी सरकार गठन को लेकर जल्द अपना रुख साफ कर सकती है। यदि कांग्रेस, वाम दल और वीसीके टीवीके को समर्थन देते हैं, तो विजय के नेतृत्व वाला गठबंधन बहुमत का आंकड़ा पार कर सकता है और पहली बार सरकार बना सकता है।
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव
इस चुनाव में विजय की पार्टी टीवीके ने तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। लंबे समय से राज्य की राजनीति पर कब्जा बनाए हुए डीएमके और एआईएडीएमके के पारंपरिक प्रभुत्व को टीवीके ने चुनौती दी है। हालांकि सरकार गठन की तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है, लेकिन तमिलनाडु में जारी राजनीतिक जोड़तोड़ ने राज्य की राजनीति को बेहद दिलचस्प मोड़ पर ला खड़ा किया है।
(एएनआई)
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