MP News : उज्जैन-इंदौर रोड पर पामेचा अस्पताल है। इ

निजी अस्पताल ने शव नहीं रखने दिया, उज्जैन की घटना

निजी अस्पताल ने शव नहीं रखने दिया, उज्जैन की घटना

MP News : उज्जैन-इंदौर रोड पर पामेचा अस्पताल है। इस अस्पताल के प्रबंधन ने मृतक के शव को अस्पताल में नहीं रखने दिया। यह आरोप परिजन ने लगाया है। क्षेत्रीय पार्षद जितेंद्र गब्बर कुवाल ने करीब तीन घंटे तक शव को एंबुलेस में रखने और अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगाया है। सीएमएचओ ने मामले के जांच के आदेश दिये है। इधर, पार्षद जितेंद्र कुवाल ने बताया कि आगर मालवा की शीतल भोला के पति रितेश भोला (41) को सीने में दर्द की शिकायत के बाद पामेचा अस्पताल में भर्ती किया गया था।

उनकी मौत शुक्रवार को हो गई, इस पर अस्पताल प्रबंधन ने शव को बाहर ले जाने के लिए कहा। महिला ने डॉक्टर से आग्रह किया कि उसके परिजन ग्वालियर से आ रहे हैं, इसलिए शव को कुछ घंटे के लिए अस्पताल में ही रहने दें। इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने आमानवीयता की हद पार कर शव को अस्पताल से बाहर कर दिया। 

तीन घंटे तक शव अस्पताल के बाहर एंबुलेंस में ही रखा रहा

पार्षद ने बताया, तीन घंटे तक शव अस्पताल के बाहर एंबुलेंस में ही रखा रहा। पार्षद ने भी शव को कुछ घंटे के लिए अस्पताल में रहने देने का निवेदन किया, लेकिन अस्पताल प्रबंधन इसके लिए तैयार नहीं हुआ। ग्वालियर से परिजन के आने के बाद महिला ने करीब पांच-छह घंटे बाद शव को ले जाया जा सका। तब तक शव एंबुलेंस में रखा रहा।

इस बीच, मृतक की बेटी परी भोला ने बताया, उसके पिता को सुबह से ही सीने में दर्द हो रही थी। यह बात जब आगर आस्पताल को बताया तो उज्जेन के पामेला अस्पताल ले जाने के लिए कहा। इसके बाद पारी खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल पहुंची। वहीं दो घंटे तक भर्ती रहे। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने उनकी मौत के बारे में बताया। इसके बाद बाडी को अस्पताल से ले जाने के लिए दबाव बनाने लगे। 

इधर, सीएमएचओ डॉ अशोक पटेल ने पामेचा स्पेशियलिटी अस्पताल के डायरेक्टर को नोटिस दिया है। इसमें कहा गया कि आपके अस्पताल में रितेश भोला की मृत्यु के बाद शव को परिसर से बाहर रखा गया। यह अनुचित, अमानवीय और असंवेदनशील व्यवहार को दर्शाता है। यह चिकित्सीय आचार संहिता के विपरीत है। शासन के निर्देश पर शव को सम्मान दिया जाए। अस्पताल से दो दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है, अन्यथा उचित कार्रवाई की बात कही गई है। 

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