गुरु पूर्णिमा पर मां शारदा धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
मैहर,(उत्तर प्रदेश)। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां शारदा धाम, मैहर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। बुधवार तड़के से ही मां शारदा के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे। सुबह 5 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही पूरा त्रिकूट पर्वत "जय माता दी" और "मां शारदा की जय" के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना
मंदिर परिसर, सीढ़ियों और रोपवे मार्ग पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देर तक बनी रहीं। मध्यप्रदेश सहित उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां शारदा के चरणों में मत्था टेककर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कई श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में नारियल, चुनरी और प्रसाद लेकर मां के दरबार पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में परिवार छोटे बच्चों के साथ भी दर्शन करने पहुंचे।
सुबह से जारी है दर्शन का सिलसिला
गुरु पूर्णिमा पर मां शारदा के दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व होने के कारण भोर से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रही। मंदिर तक पहुंचने वाली सीढ़ियों और रोपवे परिसर में श्रद्धालुओं का सैलाब नजर आया। भीड़ के बावजूद दर्शन व्यवस्था व्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित होती रही।
प्रशासन और शारदा प्रबंध समिति ने संभाली व्यवस्थाएं
भारी भीड़ को देखते हुए मां शारदा प्रबंध समिति, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने पहले से व्यापक तैयारियां की थीं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मंदिर परिसर में विशेष इंतजाम किए गए।
श्रद्धालुओं के लिए बैरिकेडिंग कर कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था बनाई गई।
मंदिर परिसर, सीढ़ियों और रोपवे क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल एवं सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई। भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे। पेयजल, छायादार पंडाल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते रहे, जिससे दर्शन प्रक्रिया बिना किसी बाधा के चलती रही।
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