अंकिता भंडारी हत्याकांड: 88 दिन में जांच पूरी, तीनों दोषियों को उम्रकैद
देहरादून (उत्तराखंड): उत्तराखंड के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) वी. मुरुगेसन ने गुरुवार को कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 88 दिनों में जांच पूरी कर अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। बाद में अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
घटना के 24 घंटे के भीतर हुई थी गिरफ्तारी
देहरादून स्थित पुलिस मुख्यालय में मामले की जांच के संबंध में मीडिया को जानकारी देते हुए मुरुगेसन ने कहा, "लक्ष्मण झूला पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में स्थित वंतारा रिसॉर्ट में कार्यरत दिवंगत अंकिता भंडारी से जुड़ी दुखद घटना के संबंध में, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और 24 घंटे के भीतर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया; वे अभी भी जेल में हैं।" एडीजी ने कहा, "मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। गहन और प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के लिए डीआईजी रैंक की एक महिला आईपीएस अधिकारी को एसआईटी का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया गया।" उन्होंने बताया कि एसआईटी ने जांच के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फोरेंसिक और भौतिक साक्ष्य सावधानीपूर्वक एकत्र किए। टीम ने आरोपियों से विस्तृत पूछताछ भी की और फोरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया।
88 दिनों में जांच पूरी कर दाखिल किया आरोपपत्र
मुरुगेसन के मुताबिक, एसआईटी ने 88 दिनों के भीतर जांच पूरी कर ली और अदालत में लगभग 500 पन्नों का विस्तृत आरोपपत्र दाखिल किया। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की गई। मुरुगेसन ने आगे कहा कि उत्तराखंड सरकार ने मामले में त्वरित सुनवाई और प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। एसआईटी द्वारा जुटाए गए ठोस सबूतों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी दलीलों के आधार पर, कोटद्वार की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने 30 मई, 2025 को तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों दोषी फिलहाल जेल में अपनी आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।
18 सितंबर, 2022 को हुई थी अंकिता की हत्या
अंकिता भंडारी की हत्या 18 सितंबर, 2022 को हुई थी और उनका शव 24 सितंबर, 2022 को चिल्ला नहर से बरामद किया गया था। इस मामले ने पूरे उत्तराखंड में व्यापक आक्रोश पैदा किया था।
(एएनआई)
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