अभिषेक बनर्जी के आवास पर कथित हमले को लेकर TMC और

अभिषेक बनर्जी के घर कथित हमले पर TMC-BJP में टकराव, ममता का प्रदर्शन

TMC-BJP Clash Over Alleged Attack on Abhishek Banerjee’s Home

कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवास पर कथित हमले को लेकर पश्चिम बंगाल में TMC और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। 7 नवंबर की रात हुई इस घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभिषेक के साथ कालीघाट में प्रदर्शन किया। वहीं, BJP नेताओं ने सड़क पर जन्मदिन समारोह आयोजित करने को विवाद की वजह बताया। इस मामले में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है।

अभिषेक बनर्जी ने पहले रेकी और फिर हमले का लगाया आरोप

विवाद की शुरुआत शुक्रवार को हुई, जब अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि पिछले दो दिनों से कुछ अज्ञात लोग उनके कार्यालय और आवास की रेकी कर रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि पूछताछ करने पर उन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया था।

उन्होंने सवाल उठाया कि एक निर्वाचित सांसद के कार्यालय और आवास की निगरानी किसके आदेश पर की जा रही है। अभिषेक ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कोलकाता पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय को टैग करते हुए मामले की तत्काल जांच की मांग की थी।

रात 2 बजे BJP कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप

अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को दावा किया कि सुबह करीब 2 बजे उनके आवास पर हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP से जुड़े लोगों ने कोलकाता पुलिस की मौजूदगी में इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पर भी इस मामले में मूकदर्शक बने रहने की टिप्पणी की।

अभिषेक ने दावा किया कि पिछले छह महीनों में उनकी जान लेने की यह सातवीं कोशिश थी। पुलिस और पार्टी की रिपोर्ट के मुताबिक, रात 2 बजे से सुबह 3:30 बजे के बीच उनके 39वें जन्मदिन का जश्न मनाने के लिए जुटे TMC कार्यकर्ताओं और BJP समर्थकों के बीच झड़प हुई। इस दौरान कम से कम आठ लोग घायल हुए, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई गई। पुलिस ने इलाके को घेर लिया और कई लोगों को हिरासत में लिया।

पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारने का वीडियो किया पोस्ट

अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी साझा किया। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में BJP का एक कार्यकर्ता सादे कपड़ों में मौजूद पुलिस अधिकारी को खुलेआम थप्पड़ मारता दिखाई दे रहा है। उन्होंने इसे पश्चिम बंगाल में BJP के शासन का मॉडल बताते हुए आरोप लगाया कि राज्य में गुंडागर्दी हावी है और पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं।

अभिषेक ने बाद में कहा कि घेराबंदी और हमला सुबह 7 बजे तक जारी रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर पुलिस मौजूद थी, लेकिन कुछ पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे और जिन्होंने हमलावरों को रोकने की कोशिश की, उनके साथ भी मारपीट की गई।

अभिषेक बोले- मेरा साहस और आत्मविश्वास नहीं तोड़ सकते

घटना के बाद समर्थकों को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्हें डराने की कोशिशों से पार्टी का मनोबल कमजोर नहीं होगा। उन्होंने कहा, "आप मेरा घर गिरा सकते हैं। आप मेरे कार्यालय में तोड़फोड़ कर सकते हैं। आप मुझे झूठे मामलों में फंसा सकते हैं। आप जो चाहें कर सकते हैं... लेकिन जिस साहस, मानवीय भावना और विवेक के साथ मैं पैदा हुआ हूं, उसे आप कभी नहीं छीन सकते और न ही मैं कभी आपसे डरूंगा।"

उन्होंने आगे कहा, "मेरा स्पष्ट संदेश है कि तृणमूल कांग्रेस का कोई भी कार्यकर्ता या समर्थक कभी अपनी रीढ़ नहीं झुकाएगा और न ही घुटने टेकेगा।" इस दौरान समर्थकों ने 'जय बांग्ला' और 'अभिषेक बनर्जी जिंदाबाद' के नारे लगाए।

अभिषेक ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर लगाए आरोप

अपने संबोधन में अभिषेक बनर्जी ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर भी कई दावे किए। उन्होंने कहा कि दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं हो रही हैं। उनके मुताबिक, सरकार के मई से अक्टूबर तक के पांच महीनों के कार्यकाल में लगभग 2,500 दुष्कर्म, 600 हत्याएं और 32,000 से अधिक अपराध हुए हैं।

उन्होंने दुर्गा पूजा पंडाल में हुई बिजली दुर्घटना का भी जिक्र किया। अभिषेक ने दावा किया कि BJP सरकार के सत्ता में आने के बाद ऐसी घटना हुई, जिसमें सात साल के बच्चे समेत 20 लोगों की करंट लगने से मौत हो गई।

मतदाता सूची विवाद पर भी चुनाव आयोग को दी चुनौती

अभिषेक बनर्जी ने अपने संबोधन में मतदाता सूची से जुड़े विवाद का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में अब सच्चाई सामने आ रही है। उन्होंने विवेक जोशी और सुखबीर संधू का नाम लेते हुए दावा किया कि चुनाव आयुक्त इस मुद्दे को उठा रहे हैं।

उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि वह वार्ड नंबर 73 और भबानीपुर विधानसभा क्षेत्र में मौजूद हैं। यदि कोई शाम 6 बजे से रात 10 बजे के बीच मतगणना केंद्र के केवल 10 मिनट का वीडियो जारी कर दे, तो वह राजनीति छोड़ देंगे।

ममता बनर्जी ने कालीघाट पहुंचकर किया प्रदर्शन

घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सुबह कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास पहुंचीं। उन्होंने अपने भतीजे के साथ प्रदर्शन किया और BJP पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया। ममता ने दावा किया कि इलाके में काली पूजा समारोह पर भी असामाजिक तत्वों के एक समूह ने हमला किया था।

उन्होंने कहा कि इस मामले में कानून-व्यवस्था बिगड़ने को लेकर लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है। ममता ने सवाल उठाया कि काली पूजा और दिवाली से ठीक पहले रात 2 बजे अभिषेक के घर पर हमला क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि यह इलाका देवी काली की शोभायात्राओं का पारंपरिक रास्ता है और यहां इस तरह की अशांति पैदा करना उचित नहीं है।

ममता ने काली पूजा की अनुमति को लेकर भी उठाए सवाल

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि इलाके में पारंपरिक और लंबे समय से आयोजित हो रही पूजा के लिए अनुमति रद्द की गई, जबकि नई पूजा को अनुमति दे दी गई। उन्होंने कहा, "यहां पूरी तरह गुंडागर्दी चल रही है। लोग रात 2 या 3 बजे यहां पहुंचते हैं। अगर आप बुलडोजर चलाने की हिम्मत रखते हैं, तो रात 3 बजे गुंडों के साथ आकर काली पूजा समारोह पर हमला क्यों करते हैं?"

उन्होंने दावा किया कि मुख्य सड़क के मोड़ पर नई पूजा के लिए अवैध अनुमति दी गई। ममता के मुताबिक, पहले यह पूजा सड़क के बजाय अंदर आयोजित होती थी, लेकिन घटना से एक दिन पहले रात करीब 9 बजे इसे सड़क के मोड़ पर लगा दिया गया, जिससे उनकी पूजा तक पहुंचने का रास्ता बाधित हुआ।

TMC ने जन्मदिन समारोह को निशाना बनाने की साजिश बताया

तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक X हैंडल ने घटना को अभिषेक बनर्जी के जन्मदिन समारोह को प्रभावित करने की कोशिश बताया। पार्टी ने पोस्ट में कहा कि एक असुरक्षित व्यक्ति ने अपने कथित षड्यंत्र के जरिए राष्ट्रीय महासचिव के जन्मदिन को फीका करने की कोशिश की है।

एक अन्य पोस्ट में TMC ने पुलिसकर्मियों पर हमले का आरोप लगाते हुए कोलकाता पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पार्टी ने पूछा कि जब पुलिसकर्मियों पर खुलेआम हमला हो रहा है, तो आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है।

TMC सांसद सौगत रॉय ने पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल

TMC सांसद सौगत रॉय ने आरोप लगाया कि BJP से जुड़े लोगों ने पहले इलाके की रेकी की और फिर रात 2 बजे अभिषेक बनर्जी के आवास पर हमला किया। उन्होंने कहा कि मौके पर पुलिस मौजूद होने के बावजूद स्थिति को नियंत्रित नहीं किया जा सका और पुलिसकर्मियों पर भी हमला हुआ।

रॉय ने इस घटना को विपक्ष को पूरी तरह खत्म करने की सोची-समझी कोशिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक के जन्मदिन पर उनसे मिलने आने वाले लोगों को डराने के इरादे से हमला किया गया।

कीर्ति आजाद ने छह महीने में सात हमलों का किया दावा

TMC सांसद कीर्ति आजाद ने दावा किया कि पिछले छह महीनों में अभिषेक बनर्जी पर सात जानलेवा हमले हुए हैं और इस संबंध में उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि इन सभी घटनाओं की CCTV फुटेज मौजूद है। आजाद के मुताबिक, पत्थरों और लाठियों से लैस लोगों ने 30 से 45 मिनट तक परिसर पर हमला किया और आसपास की छोटी दुकानों को भी नुकसान पहुंचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय उन्हें अपने साथ वहां से जाने दिया।

TMC विधायक कुणाल घोष ने भी आरोप लगाया कि यह घटना पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लेकर जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं तक पर हो रहे हमलों की व्यापक कड़ी का हिस्सा है। वहीं, पार्टी के अधिवक्ता अर्का नाग ने इसे केवल मारपीट का मामला नहीं, बल्कि अभिषेक और उनके समर्थकों की हत्या की कोशिश बताया।

BJP ने TMC के आरोपों को बताया लोगों को गुमराह करने की कोशिश

TMC के आरोपों पर BJP नेताओं ने पलटवार किया। पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने इन दावों को लोगों को गुमराह करने की कोशिश बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह पहली बार है जब किसी नेता का जन्मदिन फुटपाथ पर मनाया जा रहा है।

दिलीप घोष ने कहा कि अगर कोई सार्वजनिक जगह पर ऐसा आयोजन करता है और इससे परेशानी होती है, तो प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अभिषेक बनर्जी की हत्या करने में किसकी दिलचस्पी होगी और आरोप लगाया कि TMC इस मुद्दे के जरिए लोगों को गुमराह कर रही है।

सुकांत मजूमदार बोले- घर के अंदर मनाना चाहिए था जन्मदिन

केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी सड़क पर जन्मदिन समारोह आयोजित करने के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जन्मदिन मनाने में कोई समस्या नहीं है, लेकिन इसे घर के अंदर आयोजित किया जाना चाहिए था। मजूमदार ने कहा, "जन्मदिन मनाने में कोई समस्या नहीं है, लेकिन इसे अपने घर के अंदर मनाइए। कलकत्ता क्लब, विक्टोरिया मेमोरियल या ब्रिगेड परेड ग्राउंड किराए पर लीजिए, आपको कौन रोक रहा है? लेकिन अगर आप अपने घर के सामने सार्वजनिक सड़क को बंद करके फुटपाथ पर जन्मदिन मनाएंगे, तो स्वाभाविक रूप से लोग नाराज होंगे।"

उन्होंने BJP की संलिप्तता के आरोपों को खारिज किया और कहा कि उनकी पार्टी छोटे लोगों के साथ उलझकर अपने हाथ गंदे नहीं करना चाहती। उन्होंने TMC को 'डेड मटेरियल' भी बताया।

BJP नेता ने सड़क पर मूर्ति ले जाने में बाधा का लगाया आरोप

BJP नेता और नेता प्रतिपक्ष रितब्रत बनर्जी ने अभिषेक के दावों को खारिज करते हुए कहा कि स्थानीय लोग सड़क पर अवरोध पैदा होने से नाराज थे। उन्होंने दावा किया कि काली पूजा के दौरान देवी काली और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों को ले जाने के रास्ते में बाधा उत्पन्न हुई थी।

उन्होंने कहा कि पोटुआपारा इलाके में देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाई जाती हैं और स्थानीय लोगों को उनके आवागमन में परेशानी हो रही थी। उन्होंने अभिषेक के जन्मदिन समारोह को घर के अंदर आयोजित करने की बात कही। रितब्रत ने समारोह पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें लगा था कि शायद 7 नवंबर को आधिकारिक रूप से 'विश्व DJ दिवस' घोषित कराने के लिए संयुक्त राष्ट्र में आवेदन भेजना पड़ेगा।

कांग्रेस ने जन्मदिन मनाने के अधिकार का किया समर्थन

इस विवाद पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि किसी से मतभेद या दुश्मनी होने का मतलब यह नहीं है कि उसका जन्मदिन मनाने का अधिकार छीन लिया जाए। उन्होंने कहा कि जन्मदिन पर किसी व्यक्ति पर हमला होना पश्चिम बंगाल में बिगड़ते हालात को दर्शाता है।

चौधरी ने कहा कि ऐसी घटनाओं से बंगाल की संस्कृति और तहजीब प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात पर शर्मिंदगी महसूस होती है कि राज्य में किसी व्यक्ति को अपना जन्मदिन मनाने का अधिकार भी सुरक्षित नहीं है। कांग्रेस नेता उदित राज ने भी घटना को असंवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि TMC और अन्य लोगों पर हो रहे हमले संविधान और लोकतंत्र पर हमला हैं। उन्होंने इस संबंध में सोनिया गांधी की ओर से पहले उठाए गए मुद्दे का भी जिक्र किया।

RJD सांसद ने की राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में गुंडे सत्ता में आ गए हैं और ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था बिगड़ना स्वाभाविक है।

सुधाकर सिंह ने कहा कि यदि सरकार प्रशासन चलाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम नहीं है, तो सत्ता में बने रहने का क्या मतलब है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में लोगों की जान और संपत्ति खतरे में है।

काली पूजा और दिवाली से पहले बढ़ा राजनीतिक तनाव

काली पूजा और दिवाली से ठीक पहले हुई इस घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। TMC ने इसे अभिषेक बनर्जी के आवास पर हमला और राजनीतिक डराने की कोशिश बताया है, जबकि BJP ने सड़क पर जन्मदिन समारोह को विवाद की वजह बताया है।

कांग्रेस और RJD नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बाद यह मामला राज्य की राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आ गया है। फिलहाल कथित हमले और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े अन्य विवरणों का इंतजार है। (Source: ANI)

यह भी पढ़ें:   बेंगलुरु में मंदिर के बाहर सो रही 65 वर्षीय महिला की हत्या, पैसे और सोने की अंगूठी लूटने के आरोप में आरोपी गिरफ्तार