टीएमसी की वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट से बाहर किए गए वोटरे के नामों को प्रकाशित करने की मांग
कोलकाता। टीएमसी नेता और पश्चिम बंगाल की मंत्री शशि पांजा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि वह उन वोटरों के नाम प्रकाशित करे जिनको वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट से बाहर कर दिया है। चुनाव आयोग ने एसआइआर के बाद कई विसंगतियों की वजह से उन वोटरों को वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट से बाहर कर दिया है।
चुनाव आयोग पर टीएमसी की मांग की उपेक्षा का आरोप
राजय की मंत्री शशि पांजा का कहना है कि टीएमसी से इस मांग को लगातार उठाती रही है। टीएमसी का प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव अधिकारी और मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करके भी इस मांग को रख चुका है। लेकिन इसकी उपेक्षा की जा रही है। जब चुनाव आयोग एसआइआर की पारदर्शिता के बारे में बात करता है, तो वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट से बाहर किए गए वोटरों के नाम को प्रकाशित करने में क्या हर्ज है। उन्हें क्यों फिर से वोटर बनने लिए फार्म छह भरने को कहा जा रहा है। टीएमसी नेता शशि पांजा का कहना है की चुनाव आयोग के एसआइआर को लेकर किए जा रहे कार्यों के उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगा है।
वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य का चुनाव आयोग पर मनमाना रवैया अपनाने का आरोप
इधर टीएमसी नेता और राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी चुनाव आयोग के कार्यकलापों के प्रति नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि चुनाव आयोग पहले वोटरों की सुनवाई के लिए तैयार नहीं था। काफी दबाव पड़ने पर उसने सुनवाई की प्रक्रिया 27 दिसंबर से शुरू की। वह फॉर्म सात को निपटाने की ईआरओ के अधिकार को डीईओ को सौंप दिया है। यह मनमाना रवैया है। टीएमसी नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य ने एसआइआर की प्रक्रिया तो सहज बनाने की बजाय जटिल बनाते जा रहा है। टीएमसी नेता ने इसे चुनाव आयोग द्वारा लोकतंत्र को कमजोर करना बताया।
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