कोलकाता। टीएमसी ने आशंका जताई है कि उसके करीब 800

टीएमसी ने वोट के दिन के पहले 800 नेताओं-कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की जताई आशंका

टीएमसी ने वोट के दिन के पहले 800 नेताओं-कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की जताई आशंका

कोलकाता। टीएमसी ने आशंका जताई है कि उसके करीब 800 नेताओं-कार्यकर्ताओ को वोट के दिन के पहले गिरफतार कर लिया जाएगा। उसने इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस कोर्ट 22 अप्रैल को सुनवाई करेगा।  

सुप्रीम कोर्ट से भी कई वकीलों ने अपीलेट ट्रिब्यूनल  के खिलाफ शिकायत की है। उनकी शिकायत पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से मना कर दिया लेकिन उसने कलकत्ता हाई कोर्ट से अपीलेट ट्रिब्यनल के कामकाज की प्रगति की रिपोर्ट मांगी है। 

टीएमसी सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। उनका कहना है कि चुनाव आयोग के निर्देश पर टीएमसी के करीब 800 नेता-कार्यकर्ता पर निगरानी रखी जा रही है और उन्हं वोट के दिन के पहले गिरफ्तार किया जा सकता है। 

टीएमसी सांसद और वकील कल्याण बनर्जी के अनुसार टीएमसी के नेताओं-कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की कार्रवाई चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है और राजनीतिक संतुलन बिगड़ सकता है। उन्होंने कहा कि टीएमसी के पोलिंग और काउंटिंग एजेंटों को निशाना बनाने की साजिश है। राज्य में 23 अप्रैल को 16 जिलों के विधानसभा की 152 सीटों पर और 29 अप्रैल को सात जिलों में विधानसभा की 142 सीटों पर चुनाव होगा।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई बार यह आशंका जता चुकी है कि चुनाव आयोग बड़ी संख्या में टीएमसी के नेताओं-कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी करवा सकता है। इसलिए बूथों पर एजेंटों की तैनाती के लिए काफी संख्या में कार्यकर्ताओं को पहले से तैयार रखना होगा।

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