West Bengal : एसआइआर के दौरान टीएमसी के बूथ लेवेल

टीएमसी की बीएलए के साथ बैठक, अभिषेक बनर्जी समेत राज्य के मंत्री, विधायक, सांसद, पदाधिकारी रहे मौजूद

टीएमसी की बीएलए के साथ बैठक, अभिषेक बनर्जी समेत राज्य के मंत्री, विधायक, सांसद, पदाधिकारी रहे मौजूद

West Bengal : एसआइआर के दौरान टीएमसी के बूथ लेवेल एजेंट (बीएलए) अपने अपने इलाके में घर घर जाकर वोटरों से संपर्क करेंगे. उन्हें बीएलओ से गणना फार्म लेने, भरने और जमा कराने में मदद करेंगे। वे इसकी जांच करेंगे कि किसी भी वोटर का नाम वोटर लिस्ट से नहीं हट पाए। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में उनकी बैठक में यह तय किया गय। बैठक में राज्य के मंत्री, विधायक, सांसद, पदाधिकारी, महत्वपूर्ण कार्यकर्ता भी मौजूद हुए।

टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने उन्हें समझाया कि उनके पास 2002 के वोटर लिस्ट की छपी कापी होनी चाहिए। उसी के साथ वे मौजूदा वोटर लिस्ट भी रखे। दोनों वोटर लिस्ट का मिलान करें। वे इस बात पर गौर करें कि किसी भी वैध वोटर का नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटे। बनर्जी ने उन्हें समझाया कि वे अपने काम में किसी भी तरह की कोताही नहीं रहने दें। इससे टीएमसी के प्रति वोटरों का भरोसा बढ़ेगा.

वे वोटरों को यह एहसास कराएं कि टीएमसी उनके साथ है। वोटर लिस्ट से किसी भी वैध वोटर का नाम हटाए जाने की स्थिति में चुनाव आयोग के खिलाफ तेज आंदोलन होगा। उन्होंने उन्हें बताया कि वोटर लिस्ट से वैध वोटरों के नाम हटने पर दिल्ली में चुनाव आयोग के मुख्यालय का घेराव करने की रणनीति तय कर ली गई है।  टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने यह दोहराया कि इस बार एसआइआर के दौरान फर्जी और बांग्लादेश के घुसपैठी के नाम पर  बड़ी संख्या में वोटर के नाम को हटाने साजिश हो रही है।

इस साजिश को कामयाब नहीं होने देना है। यह तभी संभव है जब पार्टी की ओर से जोरदार आंदोलन करने की तैयारी हो। उन्होंने पार्टी के मंत्रियों, विधायकों, सांसदों समेत तमाम पदाधिकारियों को कहा कि वे आम वोटरों से संपर्क और  पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में अपनी गतिविधियां तेज करेंगे। जब तक एसआइआर का कार्य पूरा नहीं हो जाता तब तक शिथिल नहीं पड़ना है। 

उन्होंने पार्टी नेताओं को विस्तार से बताया कि भाजपा की क्या चाल है। वह चुनाव आयोग के सहयोग से टीएमसी समर्थक वोटरों के नाम को वोटर लिस्ट से हटाने की चाल चल रही है। अब इसका खुलासा भी होने लगा है। भाजपा सीएए और एनआरसी को लादने की कोशिश कर रही है। भाजपा की ओर से कैंप खोले जा रहे हैं। उनका कैंप नहीं खुलना चाहिए। 

उन्होंने एसआइआर की वजह से बने दहशत के माहौल और हो रही आत्महत्या की घटनाओं का जिक्र करते हुए पार्टी नेताओं से कहा कि वे इसका जोरशोर से प्रचार करें जिससे भाजपा के प्रतिकूल स्थिति बने। भाजपा और विधानसभा में विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी समेत प्रदेश के पदाधिकारियों ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर एसआइआर के कार्य में चुनाव आयोग, बीएलओ की मदद, अवैध व घुसपैठी वोटरों की पहचान करने में पीछे नहीं रहे। अपनी पार्टी के बीएलए का साथ रह कर उनकी मदद करें।

संवाददाताओं से बातचीत में भाजपा नेताओं ने आत्महत्या की घटनाओं पर अचरज जताया और कहा कि इसके पीछे टीएमसी की राजनीति है। उन्होंने पहले एसआइआर नहीं होने देने की चुनौती दी थी। अब जब एसआइआर हो रहा है तो वे बाधा देने के लिए एक से एक साजिश कर रहे हैं। टीएमसी नेताओं को इस बार चुनाव में सत्ता से बाहर होने का भय सता रहा है।

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