पुलिस रोक नहीं पाई सीइओ कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन
चुनाव आयोग के निर्देश का असर नहीं, तनाव की स्थिति
पुलिस रोक नहीं पाई सीइओ कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन
कोलकाता। चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल के आला पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था करने का आदेश देने के बावजूद बीएलओ के परिवार और टीएमसी समर्थकों ने (शनिवार दिन में) राज्य के सीइओ के कार्यालय में जबरन प्रवेश करने की कोशिश की, मुख्य चुनाव अधिकारी के वाहन को जाने से रोका और गेट के सामने घंटो विरोध प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि चुनाव आयोग एसआइआर का कार्य के दबाव के चलते मर गए खड़ग्राम के बीएलओ जाकिर हुसैन के परिवार के किसी एक को नौकरी और मुआवला दे। बढ़े तनाव को देखते हुए सीइओ मनोज अग्रवाल ने प्रदर्शनकारियों के सात प्रतिनिधियों ले मुलाकात की और उनकी मांग के बारे में चुनाव आयोग को अवगत कराने का भरोसा दिया। मुर्शिदाबाद जिले के खड़ग्राम के बीएलओ जाकिर हुसैन की मृत्यु हो गई। उनके परिवार के लोगो का कहना है कि एसआइआर के काम के दबाव के चलते जाकिर हुसैन की मृत्यु हुई। उनकी मृत्यु के कारण राज्य के बीएलओ की नाराजगी बढ़ी। बीएलओ के संगठन बीएलओ अधिकार रक्षा कमिटी ने नेतृत्व में बीएलओ के पीड़ित परिवार और टीएमसी के समर्थक एकजुट होकर राज्य सीइओ के कार्यालय के सामने मौजूद हुए। कमिटी के प्रतिनिधि मुख्य सीइओ मनोज अग्रवाल से मुलाकात करना चाहते थे। लेकिन सीइओ ने मुलाकात करने से मना कर दिया। उन्हें अधिकारियों के साथ बैठक करनी थी। वे कार्यालय के अंदर जा रहे थे। मुलाकात से इंकार करने परर प्रदर्शनकारी उतेजित हो गए। वे सीइओ के वाहन के सामने लेट गए। पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हे हटाया। सीइओ कार्यालय में जाकर बैठक में व्यस्त हो गए। इस पर प्रदर्शनकारी भड़क गए और तनाव की स्थिति पैदा हो गई। मृत बीएलओ जाकिर हुसैन परिवार के लोगो का कहना है कि उन्हीं की कमाई से घर चलता था। उनके न रहने पर परिवार के लोगों को भूखो मरने की नौबत आ जाएगी। इसलिए वे नौकरी और मुआवजा की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के विरोध प्रदर्शन के कारण स्थिति बिगड़ती देख सीइओ ने परिवार के तीन व्यक्तियों समेत संगठन के सात प्रतिनिधियों से मुलाकात करने की मंजूरी दी। परिवार व संगठन के प्रतिनिधियों की मांग सुनने के बाद सीइओ ने उनकी मांगों के बारे में चुनाव आयोग को अवगत कराने का भरोसा दिया। याद रहे पिछले सोमवार को बीएलओ के संगठनों की ओर से मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के सामने विभिन्न मांगों को लेकर लगातर दो दिन तक विरोद प्रदर्शन किया था और तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। उस दिन की स्थिति को देखते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी की सुरक्षा बाबत पुलिक कमिश्नर और बाद में राज्य के पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया निर्देश दिया था। सीइओ के कार्यालाय के सामने फिर वैसी ही स्थिति बन गई।
केंद्रीय पुलिस की तैनात हो ः शुभेंदु अधिकारी
सीइओ के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन पर भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग से केंद्रीय पुलिस को तुरंत तैनात कर सीइओ और दूसरे चुनाव अधिकारियों की सुरक्षा करने और एसआइआर का कार्य सुचारू रूप से चलान की मांग की। उन्होंने कहा कि टीएमसी आगामी विधानसभा चुनाव में हार के डर से एसआइआर के कार्य में हर तरह से बाधा डाल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य मे एसआइआर व चुनाव नहीं होगा तो राष्ट्ररति शासन होगा। प्रदेश अध्यक्ष व सांसद शमिक भट्टाचार्य : राजनीतिक मकसद को पूरा करने के लिए विरोध प्रदर्शन प्रदेश अध्यक्ष व सांसद शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि टीएमसी एसआइआर के कार्य में बाधा डाल कर अपने राजनीतिक मकसद को पूरा करना चाहती है। वह चाहती है वह नहीं हो पाएगा। उन्होंने चुनाव आयोग से एसआइआर के निबटने के लिए सख्ती से पेश आने का अनुरोध किया।
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार : टीएमसी बौखला गई है
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजुमदार ने कहा कि टीएमसी के प्रतिनिधि मंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की और मुंहकी खाकर वापस लौटी। चुनाव आयोग के सामने उसकी कुछ नहीं चल रही है। इसलिए वह चुनाव आयोग से टकराव की स्थिति पैदा करना चाहती है। एसआइआर का काम प्राय पूरा हो चला है। फिर भी उसका विरोध जारी है।
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