सीहोर। ​मध्य प्रदेश के सीहोर और रायसेन जिलों से अन

40 हजार टन गेहूं सड़ा, 150 करोड़ के नुकसान को दिग्विजय ने सुनियोजित आर्थिक अपराध कहा

40 हजार टन गेहूं सड़ा, 150 करोड़ के नुकसान को दिग्विजय ने सुनियोजित आर्थिक अपराध कहा

सीहोर। ​मध्य प्रदेश के सीहोर और रायसेन जिलों से अनाज प्रबंधन में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर सरकारी गोदामों में 40 हजार टन गेहूं के सड़ने और उससे हुए लगभग 150 करोड़ रुपये के नुकसान की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

दिग्विजय ने इसे ​'घुन घोटाला' बताया

दिग्विजय सिंह ने इसे 'घुन घोटाला' करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि किराए के लालच में अनाज को जानबूझकर गोदामों में रोक कर रखा गया और उसे समय पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के जरिए नहीं निकाला गया।

अनाज खराब हुआ तो ​जिम्मेदारी से बचने का प्रयास

पत्र में यह भी दावा किया गया है कि जब अनाज पूरी तरह खराब हो गया तो अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए इसे चुपचाप अन्य स्थानों पर शिफ्ट करने की कोशिश की गई।

EOW से जांच की मांग की

​दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) से कराने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि ​उन अधिकारियों और गोदाम मालिकों की पहचान की जाए जिन्होंने निजी लाभ के लिए अनाज को सड़ने दिया। ​इस "किराए के खेल" के पीछे छिपे बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जाए। यह मामला ऐसे समय में आया है जब अनाज भंडारण की व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। दिग्विजय सिंह का आरोप है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आर्थिक अपराध है।

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